घर में गलत जगह पर लगा वाटर फिल्टर पहुंचाएगा नुकसान! वास्तु दोष से बचने के लिए जान लें सही नियम

आजकल हर घर में वाटर प्यूरीफायर लगना आम बात हो गई है। लेकिन वास्तु शास्त्र के अनुसार, अगर इसे गलत दिशा या जगह पर रखा जाए, तो घर में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ सकती है। वास्तु के मुताबिक, जल और अग्नि तत्व के बीच सही संतुलन बनाए रखना बहुत जरूरी है।

Navaneet RathaurJul 18, 2026 05:11 pm IST
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वाटर फिल्टर के लिए वास्तु नियम

वास्तु शास्त्र में हर वस्तु की अपनी दिशा और ऊर्जा होती है। किचन में लगा वाटर प्यूरीफायर भी अगर गलत जगह पर हो तो घर की सकारात्मक ऊर्जा को प्रभावित कर सकता है। अगर आप भी किचन में वाटर फिल्टर लगा रहे हैं या पहले से लगा हुआ है, तो इन नियमों को जरूर जान लें, ताकि वास्तु दोष से बच सकें और घर में सकारात्मकता बनी रहे।

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वाटर प्यूरीफायर की सही दिशा

वास्तु शास्त्र में वाटर प्यूरीफायर को उत्तर या दक्षिण दिशा में लगाना सबसे अच्छा माना जाता है। उत्तर दिशा जल तत्व की दिशा है, इसलिए यहां वाटर फिल्टर रखने से घर में शांति और मानसिक स्थिरता बनी रहती है। वहीं दक्षिण दिशा अग्नि तत्व की है, लेकिन प्यूरीफायर बिजली से चलता है, इसलिए दक्षिण दिशा में भी इसे लगाया जा सकता है। इन दोनों दिशाओं में फिल्टर रखने से जल और अग्नि का संतुलन बना रहता है।

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पश्चिम और ईशान कोण में लगाने के फायदे

वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार, वाटर प्यूरीफायर को पश्चिम दिशा में भी रखा जा सकता है। इस दिशा के स्वामी वरुण देव हैं, जो जल के देवता माने जाते हैं। यहां फिल्टर रखने से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है। इसी तरह ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) भी जल तत्व से जुड़ा होता है। अगर उत्तर या दक्षिण दिशा उपलब्ध ना हो, तो ईशान कोण में फिल्टर लगाना अच्छा विकल्प हो सकता है। इससे घर में शांति और समृद्धि बनी रहती है।

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दक्षिण-पूर्व दिशा में कभी ना लगाएं

किचन का दक्षिण-पूर्व कोण आग्नेय कोण कहलाता है, जो अग्नि तत्व से संबंधित होता है। यहां वाटर प्यूरीफायर लगाना वास्तु के अनुसार, अत्यंत अशुभ माना जाता है। इससे जल और अग्नि तत्व में संघर्ष बढ़ता है, जिसके कारण परिवार में तनाव, आर्थिक नुकसान और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं आ सकती हैं। अगर फिल्टर पहले से इसी जगह लगा है, तो जितनी जल्दी हो सके उसे बदल दें।

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गलत जगह लगाने से क्या नुकसान होगा?

अगर वाटर प्यूरीफायर गलत दिशा में लगा है, तो घर में जल संबंधी समस्याएं, पेट की बीमारियां, आर्थिक अस्थिरता और मानसिक तनाव बढ़ सकता है। गलत दिशा में रखे फिल्टर से पानी की ऊर्जा भी प्रभावित होती है, जो पूरे परिवार के स्वास्थ्य पर असर डाल सकती है।

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पानी पीने की सही विधि

वाटर प्यूरीफायर से पानी पीते समय भी वास्तु नियम का ध्यान रखना चाहिए। सीधे फिल्टर से गिलास में पानी लेकर नहीं पीना चाहिए। पहले पानी को किसी स्वच्छ पात्र में निकालकर कुछ देर के लिए रखें, जब पानी पूरी तरह स्थिर हो जाए, तब उसे पीएं। वास्तु के अनुसार, पानी की इस स्थिरता से मन की अस्थिरता कम होती है और घर में सकारात्मकता बढ़ती है।

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सही नियम अपनाकर पाएं सकारात्मक परिणाम

वाटर प्यूरीफायर को सही दिशा में लगाने के बाद रोजाना उसकी सफाई करें और सकारात्मक भावना रखें। यदि पहले गलत जगह पर लगा था, तो वास्तु विशेषज्ञ की सलाह से उसे सही स्थान पर शिफ्ट करें। वास्तु के अनुसार, सही जगह पर लगाया गया वाटर प्यूरीफायर ना सिर्फ पानी को शुद्ध रखेगा, बल्कि घर में सुख, शांति और समृद्धि भी बढ़ाएगा।

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वास्तु दोष से मिलेगी राहत

वास्तु शास्त्र के इन आसान नियमों का पालन करके आप वाटर प्यूरीफायर को सही जगह पर रख सकते हैं। इससे ना सिर्फ पानी शुद्ध रहेगा, बल्कि घर में सकारात्मक ऊर्जा भी बनी रहेगी। वास्तु दोष से बचकर आप अपने परिवार को सुखी और समृद्ध बना सकते हैं। डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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