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वास्तु शास्त्र: गलती से इन दिनों ना खरीदें जूता-चप्पल, नाराज होंगे शनिदेव

वास्तु और ज्योतिष के अनुसार जूता-चप्पल खरीदते समय दिन का ध्यान रखना काफी महत्वपूर्ण होता है। अगर दिन गलत होता है, तो शनि की नाराजगी झेलनी पड़ती है। ऐसे में आइए जानते हैं जूता-चप्पल खरीदने के लिए कौन से दिन वर्जित हैं और क्यों?

Navaneet RathaurOct 26, 2025 11:01 pm IST
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शनिवार का दिन

शनिवार शनि देव का दिन है इसलिए इस दिन जूता-चप्पल खरीदना शनि को अपमानित करता है। इससे शनि की दृष्टि कुपित हो जाती है, नौकरी में बाधा, यात्रा में दुर्घटना और आर्थिक संकट आ सकता है। इस दिन जूता या चप्पल ना खरीदें, ताकि शनि देव प्रसन्न रहें।

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अमावस्या पर जूता खरीदना

अमावस्या को पितरों का दिन माना जाता है और इस दिन नई वस्तु खरीदना विशेषकर जूता-चप्पल पितृ दोष बढ़ाता है। इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा आती है, पैसों की बर्बादी और पारिवारिक कलह होती है। वास्तु में अमावस्या को अंधेरे का प्रतीक माना जाता है, ऐसे में इस दिन जूता खरीदने से जीवन में अंधेरा छा जाता है।

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मंगलवार को जूता ना लें

मंगलवार मंगल ग्रह का दिन है और जूता खरीदने से मंगल-शनि का वैर बढ़ता है। इससे दुर्घटना, झगड़ा और रक्त संबंधी रोग हो सकते हैं। ज्योतिष में मंगल पैरों की ऊर्जा देता है। मंगलवार को जूते-चप्पल खरीदने से यात्रा कष्टदायक हो सकती है।

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रविवार का दिन

रविवार सूर्य का दिन है और जूता खरीदने से सूर्य-शनि का शत्रु भाव सक्रिय हो जाता है। इससे आत्मविश्वास कम, नौकरी में रुकावट और पिता से संबंध खराब हो सकते हैं। वास्तु में रविवार को नई शुरुआत का दिन माना जाता है। इस दिन सूर्य को जल चढ़ाएं, जूते-चप्पल की खरीदारी ना करें।

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शुभ दिन चुनें

जूता खरीदने के लिए गुरुवार, शुक्रवार और बुधवार सबसे अच्छा माना जाता है। इन दिनों जूते-चप्पल खरीदने से धन वृद्धि, यात्रा सुख और करियर उन्नति होती है। शनि प्रसन्न रहते हैं और जीवन में गति आती है।

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गलत दिन से बचें, शनि रहेंगे प्रसन्न

वास्तु-ज्योतिष में शनिवार, अमावस्या, मंगलवार, रविवार को जूता-चप्पल खरीदना शनि को नाराज करता है। ऐसे में गुरुवार, शुक्रवार और बुधवार को जूता-चप्पल की खरीदारी करें। इन बातों का सही तरीके से पालन करें, तो जीवन में सुख, समृद्धि और यात्रा सुख मिलता है। डिस्क्लेमर: यह खबर विभिन्न माध्यमों, धर्म ग्रंथों और विशेषज्ञों के सलाह पर आधारित है। किसी भी तरह की विशेष जानकारी के लिए धर्म विशेषज्ञ से उचित सलाह लें।