1/7सुबह सबसे पहले तुलसी का पौधा दिखाई दे, तो समझिए भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी स्वयं आपके घर में पधार चुके हैं। तुलसी मां का स्वरूप है, उसकी पहली दृष्टि दिन भर पवित्रता, सुख-शांति और अचानक धन लाभ देती है। घर में कलह, बीमारी और नेगेटिव ऊर्जा पास भी नहीं भटकती है। तुलसी की पहली झलक मन को इतना शुद्ध कर देती है कि पूरा दिन प्रसन्नता में बीतता है।

अगर सुबह आंख खुलते ही पीपल का पेड़ दिखाई दे, तो पितरों का पूरा आशीर्वाद मिलता है। पीपल में सभी देवताओं का वास है। इसकी पहली दृष्टि से दिन भर अप्रत्याशित सहायता, रुके काम पूरे होना और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। पितृ दोष भी शांत होता है और घर में बरकत बढ़ती है।

केले का पौधा गुरु बृहस्पति और भगवान विष्णु का प्रिय है। सुबह इसकी हरी पत्तियां दिखाई दें, तो बुद्धि तेज होती है, तरक्की के नए रास्ते खुलते हैं और घर में संतान सुख बढ़ता है। पूरा दिन शुभ समाचार और सकारात्मक ऊर्जा से भर जाता है। केले की पहली झलक मन को इतना प्रसन्न कर देती है कि हर काम आसानी से हो जाता है।

मनी प्लांट की हरी-भरी पत्तियां सुबह दिखाई दें, तो कुबेर देव प्रसन्न हो जाते हैं। दिन भर धन लाभ, अप्रत्याशित कमाई और व्यापार में उन्नति होती है। यह पौधा धन को आकर्षित करने की शक्ति रखता है। सुबह इसकी दृष्टि से मन में आत्मविश्वास और खुशी का संचार होता है, पूरा दिन सौभाग्य साथ चलता है।

आंवले का पेड़ सुबह दिखाई दे, तो पूरे दिन स्वास्थ्य उत्तम रहता है, रोग दूर भागते हैं और आयु बढ़ती है। यह पौधा मां लक्ष्मी और भगवान धन्वंतरि का प्रिय है। इसकी पहली दृष्टि से मन में शांति, शरीर में स्फूर्ति और परिवार में सुख का वातावरण बनता है। दिन भर प्रसन्नता बनी रहती है।

सुबह बेलपत्र का पेड़ दिखे, तो भगवान शिव का आशीर्वाद, शमी का पौधा दिखे तो शनिदेव प्रसन्न होते हैं। दोनों की पहली दृष्टि से सारे ग्रह दोष शांत होते हैं, रुके काम बनते हैं और दिन भर सुरक्षा कवच रहता है। मन में अद्भुत शांति और आत्मविश्वास का संचार होता है।

तुलसी, पीपल, केला, मनी प्लांट, आंवला, बेलपत्र और शमी – इनमें से कोई भी पौधा सुबह सबसे पहले दिखाई दे, तो पूरा दिन स्वर्ग जैसा बीतता है। वास्तु के नियमों का ध्यान रखते हुए अपने घर के आसपास इन पौधों को जरूर लगाएं। डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
