1/7वास्तु में तवा केवल शुद्ध लोहे का होना चाहिए। एल्यूमिनियम, नॉन-स्टिक या स्टील का तवा मंगल को कमजोर करता है, जिससे घर में क्रोध, झगड़ा और रक्त विकार बढ़ते हैं। लोहे का तवा रक्त को शुद्ध रखता है और परिवार में ऊर्जा बनाए रखता है। नया तवा लाते समय मंगलवार सबसे शुभ है।

खाली तवा गैस पर चढ़ाकर जलाना मंगल को क्रोधित करता है। इससे घर में कलह, कर्ज और स्वास्थ्य समस्याएं आती हैं। हमेशा तवे पर घी या तेल लगाकर ही चढ़ाएं। धर्म विशेषज्ञों के मुताबिक, तवे पर बनी पहली रोटी गाय को और आखिरी रोटी कुत्ते को देना मंगल दोष शांत करता है।

इस्तेमाल के बाद तवा कभी उल्टा करके ना रखें। उल्टा तवा मंगल का उल्टा फल देता है, जिससे घर में नकारात्मक ऊर्जा, बीमारी और धन हानि होती है। ऐसे में तवा को हमेशा सीधा रखें और ऊपर से ढककर रखें। रात में तवे को धोकर पोछकर ही रखें। गंदे तवे रखना भी अशुभ माना गया है।

छेद वाला, टूटा या बहुत जला तवा रखना मंगल को अत्यंत अशुभ बनाता है। इससे घर में दुर्घटना, चोट और रक्त संबंधी रोग बढ़ते हैं। हर 2-3 साल में नया लोहे का तवा लाएं। पुराना तवा बहते पानी में प्रवाहित करें या लोहे के दुकानदार को दान करें।

तवा हमेशा रसोई के दक्षिण-पूर्व (अग्नि कोना) में ही रखें। उत्तर-पूर्व या ईशान कोने में रखने से मंगल और गुरु में टकराव होता है। रात में तवा गैस के ऊपर ना छोड़ें, अलग शेल्फ पर रखें। इससे घर में सकारात्मक अग्नि तत्व बना रहता है।

हर मंगलवार को तवे पर स्वास्तिक बनाएं, लाल चंदन का तिलक लगाएं और 'ॐ अं अंगारकाय नमः' 11 बार जपें। तवे पर पहली रोटी बनाते समय गुड़-घी मिलाकर अर्पित करें। यह उपाय मंगल दोष, कर्ज और कलह दूर करता है। महिलाओं को विशेष लाभ मिलता है।

लोहे का तवा, सीधा रखना, खाली नहीं जलाना, टूटा तवा बदलना, मंगलवार पूजा – इन 7 नियमों से घर में मंगल का शुभ प्रभाव बढ़ेगा। परिवार में प्रेम, स्वास्थ्य अच्छा रहेगा और अन्न-धन की कभी कमी नहीं होगी। डिस्क्लेमर: यह खबर धर्म ग्रंथों, सामान्य जानकारियों और धर्म विशेषज्ञों के सलाह पर आधारित है। किसी भी तरह की विशेष जानकारी के लिए वास्तु शास्त्र विशेषज्ञ से उचित सलाह लें।
