1/7हिंदू पंचांग के अनुसार, आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि से अमावस्या तक पितृ पक्ष रहते हैं। मान्यता है कि पितृ पक्ष के समय पितर पृथ्वी लोक में आते हैं और अपने परिवार जनों को आशीर्वाद प्रदान करते हैं। मान्यता है कि पितृ पक्ष में पितरों का श्राद्ध, तर्पण व पिंडदान करने से पूर्वजों का आशीष मिलता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। कई लोग अपने घर में पूर्वजों की तस्वीर लगाकर पूजा करते हैं। वास्तु के अनुसार, पितरों की फोटो को अपने मन से कहीं भी नहीं लगानी चाहिए। कहते हैं कि ऐसा करने से अशुभ परिणाम मिल सकते हैं। जानें वास्तु के अनुसार घर में पूर्वजों की तस्वीर लगाने के खास नियम।

वास्तु शास्त्र के अनुसार, पूर्वजों की तस्वीर कभी भी जीवित व्यक्ति की फोटो के साथ नहीं लगानी चाहिए। पूर्वजों की फोटो कभी बेडरूम, मंदिर या किचन में नहीं लगानी चाहिए। कहते हैं कि ऐसा करने से घर में अशांति फैलती है।

घर में पूर्वजों की तस्वीर सही दिशा में लगानी चाहिए। वास्तु के अनुसार, पूर्वजों की तस्वीर दक्षिण दिशा की दीवार पर ही लगाना चाहिए।

वास्तु के अनुसार, पितरों की तस्वीर को कभी भी दीवार पर लटकाकर नहीं रखना चाहिए। इसके बजाए स्टैंड या टेबल पर पूर्वजों की तस्वीर को रखना चाहिए। कहा जाता है कि तस्वीर को गलत स्थान पर लटकाने से वास्तु दोष उत्पन्न हो सकता है और घर में नकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

वास्तु के अनुसार, घर में एक से अधिक पितरों की तस्वीर लगाने से बचना चाहिए। इसके अलावा पितरों की तस्वीर जहां लगाएं वहां पर साफ-सफाई का खास ख्याल रखना चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से पूर्वज प्रसन्न होते हैं और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करते हैं।

पितरों की तस्वीर को मुख्य द्वार पर नहीं लगानी चाहिए, क्योंकि माना जाता है कि बाहरी लोगों की नजर पड़ने से घर में नकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। इन्हें अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
