
क्या आप तुलसी की माला पहनने की प्लानिंग कर रहे हैं? तो सबसे पहले इसे धारण करने के कुछ नियमों के बारे में जान लें। बता दें कि इसे भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण से जुड़े पवित्र प्रतीक के रूप में देखा जाता है। जानिए इसे पहनने के क्या-क्या नियम हैं?

2/8तुलसी माला पहनने से पहले मन और तन की शुद्धता दोनों ही जरूरी है। नहाने के बाद साफ-सुथरे कपड़े पहनें और फिर इसके बाद ही तुलसी की माला पहनें। नियम के अनुसार इस माला को सोमवार, बुधवार और गुरुवार के दिन पहनना शुभ माना जाता है। एकादशी के दिन भी इसे पहना जा सकता है।

3/8तुलसी की माला को धारण करने से पहले कुछ नियमों का पालन करना जरूरी है। गंगाजल से शुद्ध करने के बाद सबसे पहले भगवान विष्णु का स्मरण करें। उनसे जुड़े मंत्रों का जाप करने के बाद ही इसे पहनें।

4/8इस बात का ध्यान रखें कि तुलसी माला को किसी ज्वेलरी की तरह नहीं पहनना है। इसे कभी भी भूलकर जमीन पर ना रखें और ना ही किसी भी तरीके से इसका अनादर करें। सम्मान के साथ पहनें और अपने पास रखें।

5/8अगर कभी पहनी हुई तुलसी माला टूट जाती है तो उसे जोड़कर फिर से ना पहनें। इसे किसी पवित्र जगह या फिर बहते जल में प्रवाहित कर देना ही शुभ होता है। हालांकि गलती से भी इसे दोबारा पिरोकर ना पहनें।

6/8तुलसी माला जब भी धारण करें अपने मन में ये हमेशा अच्छे विचार ही रखें। विचारों में सयंम रखना जरूरी है। इसे आध्यात्मिक जीवन से जोड़कर देखा जाता है और इसी वजह से इसे धारण करने के बाद सात्विक जीवन ही अपनाना चाहिए।

7/8तुलसी की माला की साफ-सफाई का हमेशा ध्यान रखें। समय-समय पर इसकी सफाई करते रहिए। इससे माला की पवित्रता और शुद्धता बनी रहती है। साथ ही माला लंबे समय तक सुरक्षित और सही रह पाती है।

8/8तुलसी माला अगर आप धारण करने की प्लानिंग कर रहे हैं तो एक बात मन में गांठ बांध लीजिए कि इसका सबसे बड़ा नियम यही है कि श्रद्धा भाव हमेशा रखना है। सारे नियमों को मानने के साथ-साथ मन में भक्ति का भाव हमेशा रखना है। डिस्क्लेमर- इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
