
सोमवार को शिव पूजा का विशेष महत्व है, क्योंकि इस दिन चंद्रमा का प्रभाव बहुत मजबूत होता है। चंद्रमा मन और भावनाओं का कारक है, इसलिए इस दिन पूजा करने से मानसिक शांति मिलती है। जो लोग रोजाना मंदिर नहीं जा पाते, वे घर पर ही पूजा करके भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं। सच्ची श्रद्धा के साथ की गई पूजा कभी व्यर्थ नहीं जाती है।

2/9सोमवार को ब्रह्म मुहूर्त या सूर्योदय से पहले उठने की कोशिश करें। उठकर सबसे पहले पूजा स्थल को साफ करें। शिवलिंग या शिव जी की तस्वीर को अच्छे से साफ पानी से धोकर सुखाएं। पूजा स्थल पर सफेद या लाल कपड़ा बिछाएं। पूजा शुरू करने से पहले स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें। मन को शांत रखें और पूजा का संकल्प लें।

3/9शिव पूजा के लिए जल, गंगाजल, दूध, बेलपत्र, धतूरा, सफेद चंदन, अक्षत, फूल, फल, धूप, दीपक और नैवेद्य की जरूरत पड़ती है। अगर इनमें से कुछ चीजें उपलब्ध ना हों, तो केवल जल और बेलपत्र से भी पूजा की जा सकती है। भगवान शिव सादगी के भक्त हैं, इसलिए महंगे सामान की जरूरत नहीं है।

4/9जलाभिषेक शिव पूजा का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। शिवलिंग पर पहले शुद्ध जल चढ़ाएं। फिर गंगाजल, दूध या पंचामृत से अभिषेक करें। अभिषेक करते समय लगातार 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जाप करें। अभिषेक के बाद फिर से साफ जल से शिवलिंग को धो लें। यह प्रक्रिया भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है और इससे सभी प्रकार के दोष दूर होते हैं।

5/9जलाभिषेक के बाद शिवलिंग पर त्रिशूल आकार वाले बेलपत्र चढ़ाएं। बेलपत्र तीन पत्तियों वाला और बिना टूटा हुआ होना चाहिए। साथ में सफेद फूल, धतूरा, भांग और सफेद चंदन भी अर्पित करें। ये सभी चीजें भोलेनाथ को बहुत प्रिय हैं। अर्पित करते समय मन में अपनी मनोकामना स्पष्ट रूप से कहें।

6/9पूजा के अगले चरण में धूप और दीपक जलाएं। दीपक में घी या तिल का तेल इस्तेमाल करें। इसके बाद शिव जी की आरती करें। आरती के दौरान पूरे परिवार के साथ 'ॐ नमः शिवाय' या शिव भजन का जाप करें। इससे पूरे घर का वातावरण भक्तिमय और सकारात्मक हो जाता है।

7/9भोग अर्पित करते समय शिव जी को मौसमी फल, खीर, गुड़ या घर में बनी मिठाई चढ़ाएं। कुछ लोग केवल फल और जल का भोग भी लगाते हैं। भोग लगाते समय अपनी मनोकामना शिव जी के सामने रखें। भोग अर्पित करने के बाद कुछ देर प्रार्थना करें।

8/9पूजा के अंत में शिव मंत्रों का जाप जरूर करें। 'ॐ नमः शिवाय' या महामृत्युंजय मंत्र का जाप बहुत फलदायी होता है। जाप के बाद भगवान शिव से परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और बाधाओं से मुक्ति की प्रार्थना करें। अंत में प्रसाद पूरे परिवार में बांट दें।

9/9सोमवार की शिव पूजा सादगी और श्रद्धा से की जाए, तो भोलेनाथ अवश्य प्रसन्न होते हैं। मंदिर नहीं जा पाने पर भी घर पर सही विधि से पूजा करने से समान फल प्राप्त होता है। नियमित सोमवार व्रत और पूजा से जीवन के सभी संकट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि आती है। डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
