
वास्तु शास्त्र के अनुसार घर का मंदिर सबसे ज्यादा सकारात्मक ऊर्जा वाली जगह मानी जाता है। यहां रखी हुई मूर्तियों का असर घर के माहौल और परिवार की सुख-समृद्धि पर पड़ता है। कई बार लोग अनजाने में ऐसी मूर्तियां रख लेते हैं जिन्हें शुभ नहीं माना जाता है। कहा जाता है कि इससे घर में तनाव, नकारात्मकता और मानसिक अशांति बढ़ सकती है। इसलिए मंदिर में मूर्तियां रखते समय कुछ खास बातों का ध्यान रखना जरूरी माना गया है। तो आइए जानते हैं कि आखिर घर में कैसी मूर्तियों को नहीं रखना है?

2/7अपने पूजा घर में आप कोई भी ऐसी मूर्ति ना रखें जो उग्र या क्रोधित रूप में हो। मां काली से लेकर भगवान शिव और हनुमान जी उग्र रूप महाकाल की मूर्ति को घर के मंदिर में नहीं रखना चाहिए। माना जाता है कि इनका तेज घर के माहौल के लिए सही नहीं होता है।

3/7घर के मंदिर में भगवान गणेश की नाचती हुई मूर्ति भी नहीं लगानी चाहिए। दरअसल नाचते हुए गणेश जी का रूप चंचल होता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार ऐसी मूर्ति घर में रखने से करियर में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिलते हैं।

4/7घर के मंदिर में कभी भूलकर भी टूटी हुई मूर्ति ना रखें। वास्तु की दुनिया में ऐसी मूर्ति को घर में रखना नकारात्मक ऊर्जा को बुलावा देने जैसा माना जाता है। माना जाता है कि ऐसी मूर्ति घर की शांति भंग कर सकती है।

5/7ऐसा आमतौर पर देखा जाता है कि घर में एक ही भगवान की कई तस्वीरें और मूर्तियां रखी होती हैं। हालांकि आप पूजा घर में एक ही भगवान की दो या इससे ज्यादा मूर्ति ना रखें। मान्यता है कि इससे घर की ऊर्जा का बैलेंस बिगड़ने लगता है जिससे दिक्कतें शुरू होने लगती हैं।

6/7वास्तु शास्त्र के अनुसार पूजा घर में शनिदेव की मूर्ति भी नहीं रखनी चाहिए। मूर्ति ही नहीं बल्कि शनिदेव की तस्वीर को भी मंदिर में नहीं रखना चाहिए। दरअसल शनिदेव की ऊर्जा काफी तेज होती है जोकि घर की ऊर्जा के लिए सही नहीं है। शनिदेव की पूजा मंदिर में जाकर ही करनी चाहिए।

7/7घर के मंदिर में नटराज की मूर्ति भी नहीं रखनी चाहिए। ये भगवान शिव के ताडंव का प्रतीक माना जाता है। इसकी ऊर्जा भी काफी तेज होती है और इसी वजह से इस मूर्ति को घर में नहीं रखना चाहिए। डिस्क्लेमर- इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
