1/7शनिदेव न्यायाधीश हैं। उनके सामने हाथ जोड़ना अपराधी का अपराध स्वीकार करना माना जाता है। इससे शनिदेव और क्रोधित हो जाते हैं। सही तरीका – दोनों हाथ पीठ के पीछे बांधकर, सिर झुकाकर खड़े हों। जैसे कोर्ट में जज के सामने जाते हैं, वैसे ही। इससे शनिदेव प्रसन्न होते हैं और सजा को क्षमा में बदल देते हैं।

शनिदेव की दृष्टि बहुत क्रूर मानी गई है। उनके ठीक सामने खड़े होने से उनकी दृष्टि सीधे पड़ती है और कष्ट बढ़ जाते हैं। सही तरीका – हमेशा बगल से या थोड़ा तिरछा खड़े हों। दर्शन करते समय भी नजरें नीची रखें। इससे शनि की कृपा मिलती है और प्रकोप नहीं भुगतना पड़ता है।

शनिदेव झूठ, छल और बेईमानी को कभी माफ नहीं करते हैं। अगर आप अपने जीवन में पूरी ईमानदारी और मेहनत से काम करते हैं, तो शनिदेव स्वयं आपके रक्षक बन जाते हैं। उनकी पूजा से पहले संकल्प लें कि आज से कोई झूठ नहीं बोलेंगे। यह संकल्प शनिदेव को सबसे प्रिय है।

शनिदेव गरीब, मजदूर और कमजोर वर्ग के रक्षक हैं। जो इनका अपमान करता है, उसे शनिदेव कठोर दंड देते हैं। हर शनिवार को किसी गरीब को भोजन, कपड़ा या पैसा जरूर दें। शनि मंदिर में झाड़ू लगाना या तेल चढ़ाना भी बहुत पुण्य देता है। ऐसा करने से शनि की साढ़ेसाती भी हल्की हो जाती है।

शनिदेव के सामने जाकर कहें – हे शनिदेव, मेरे जाने-अनजाने किए अपराधों को क्षमा करें। आज से मैं अच्छे कर्म करूंगा। फिर संकल्प लें कि पुरानी गलतियां दोबारा नहीं करेंगे। यह सच्ची क्षमा याचना शनिदेव को बहुत प्रिय है और वे तुरंत कृपा बरसाते हैं।

जो व्यक्ति अपने वादे पूरे नहीं करता, शनिदेव उसे सबसे कठोर दंड देते हैं। शनि मंदिर में कोई भी व्रत, दान या संकल्प लिया है तो उसे पूरा करें। छोटे से छोटा वादा भी ना तोड़ें। वचन पक्का होने से शनिदेव की विशेष कृपा मिलती है और साढ़ेसाती भी शुभ फल देती है।

हाथ पीछे बांधकर प्रणाम, सामने न खड़े होना, पूरी ईमानदारी, गरीबों का सम्मान, क्षमा याचना और वचन पक्का – इन नियमों का पालन करने वाला व्यक्ति शनिदेव का सबसे प्रिय भक्त बन जाता है और साढ़ेसाती भी आशीर्वाद बन जाएगी। डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
