
भगवान शिव का प्रिय सावन का महीना 30 जुलाई 2026 से शुरू होने वाला है। इस महीने भगवान शिव की उपासना का विशेष महत्व है। भक्त भोलेनाथ की कृपा पाने के लिए शिवलिंग का अभिषेक करने के साथ कुछ विशेष चीजों को अर्पित करते हैं। आपने लोगों के घर के मंदिर में शिवलिंग देखा होगा। ज्योतिष शास्त्र में घर में शिवलिंग रखने के कुछ विशेष नियम वर्णित हैं। अगर आप भी सावन में अपने घर पर शिवलिंग लाने का विचार कर रहे हैं, तो जान लें घर में शिवलिंग रखना चाहिए या नहीं।

2/6ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, जिस घर में भगवान शिव का प्रतिदिन पूजन होता है, वह घर मंदिर बन जाता है शिवालय के समान हो जाता है। हिंदू धर्म में शिवलिंग का दो तरह से स्थापना का विधान है। पहली चल स्थापना और दूसरी अचल स्थापना। अगर चल प्रतिष्ठा का अर्थ यहां प्रेम-प्रतिष्ठा से है और अचल प्रतिष्ठा का मतलब प्राण प्रतिष्ठा से है। अगर आप काम के सिलसिले में या अन्य किसी कारणवश बाहर जाते रहते हैं और पूजन का कोई नियम नहीं है। अगर गृहस्थ जीवन के कारण कभी शिव पूजन का समय नहीं मिल सकता है तो इस स्थिति में घर में शिवलिंग की प्रेम-प्रतिष्ठा करनी चाहिए। प्राण प्रतिष्ठा में मंत्रों द्वारा शिवलिंग की स्थापना की जाती है।

3/6शिव महा पुराण के अनुसार, घर में शिवलिंग का आकार 'अंगुष्ट मात्रम'यानी अंगूठे के बराबर होना चाहिए। घर में पूजन के लिए शिवलिंग का आकार दो-ढाई इंच से कम होना चाहिए। शास्त्रों के अनुसार, मंदिर में पूजन करने के लिए 12 इंच का शिवलिंग कम से कम विराजमान होना चाहिए।

4/6शिव महापुराण के अनुसार, घर में शिवलिंग को हमेशा पूजा घर के उत्तर या पूर्व दिशा में रखना चाहिए। शिवलिंग की ऊर्जा बहुत तीव्र होती है। इसलिए घर में शिवलिंग का प्रतिदिन दूध और जल से अभिषेक करना चाहिए।

5/6शास्त्रों के अनुसार, शिवलिंग पर कभी हल्दी और तुलसी अर्पित नहीं करनी चाहिए। इसके बजाए बेलपत्र, दूध, दही, घी और गंगाजल आदि चढ़ाना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि शिवलिंग का दूध और जल से अभिषेक करने से महादेव प्रसन्न होते हैं और मनवांछित फल की प्राप्ति होती है।

6/6इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
