1/7माथे के ठीक बीच (भृकुटि के ऊपर) काला तिल होना लक्ष्मी-सरस्वती का संयुक्त वास माना जाता है। ऐसे व्यक्ति अत्यंत बुद्धिमान, प्रसिद्ध और धनवान होते हैं। सरकारी नौकरी, उच्च पद और नाम-शोहरत इनका इंतजार करता है। महिलाओं में यह सौभाग्यवती होने का चिह्न है।

सामुद्रिक शास्त्र के मुताबिक, पुरुषों में दाहिने गाल और महिलाओं में बाएं गाल पर तिल होना राजयोग का संकेत है। ऐसे लोग विलासिता, वाहन सुख, विदेश यात्रा और नेतृत्व क्षमता पाते हैं। इनका व्यक्तित्व आकर्षक होता है, लोग इनकी बात मानते हैं।

ऊपरी होंठ के ठीक ऊपर तिल होना शुक्र और बुध का शुभ योग है। ऐसे व्यक्ति बोलने में मधुर, खाने-पीने के शौकीन और धनवान होते हैं। इनका वैवाहिक जीवन सुखमय रहता है, संतान सुख भरपूर मिलता है।

सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार, दाहिने हाथ की हथेली में कहीं भी काला तिल होना कुबेर का आशीर्वाद है। ऐसे लोग जहां हाथ रखते हैं, वहां धन आता है। व्यापार, नौकरी या लॉटरी में अपार सफलता मिलती है। ये कभी गरीब नहीं रहते हैं।

कमर, नाभि के ऊपर या आसपास तिल होना विष्णु लक्ष्मी का वास है। ऐसे व्यक्ति लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और आज्ञाकारी संतान पाते हैं। इनका वैवाहिक जीवन सुखी और घर धन-धान्य से भरा रहता है।

सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार, दाहिने पैर के तलवे में तिल होना लक्ष्मी का पैर माना जाता है। ऐसे लोग जहां जाते हैं, सफलता पाते हैं। विदेश यात्रा, तीर्थ दर्शन और हर क्षेत्र में विजय इनका इंतजार करती है। ये कभी असफल नहीं होते हैं।

दोनों कंधों के बीच पीठ पर तिल होना ब्रह्मा का आशीर्वाद है। ऐसे व्यक्ति मुसीबत में भी भाग्य से बच जाते हैं। इनका हर काम अपने आप बनता है। ये जहां भी जाते हैं, लोग इनका सम्मान करते हैं। डिस्क्लेमर: यह खबर धर्म ग्रंथों, सामान्य जानकारियों और धर्म विशेषज्ञों के सलाह पर आधारित है। किसी भी तरह की विशेष जानकारी के लिए धर्म विशेषज्ञ से उचित सलाह लें।
