रत्नशास्त्र: रूबी पहनने से सूर्य की तरह चमकती है किस्मत, लेकिन ये लोग गलती से ना पहनें माणिक्य

रूबी या माणिक्य ज्योतिष शास्त्र में 'रत्नों का राजा' माना जाता है। यह लाल रंग का पत्थर सूर्य ग्रह का प्रतिनिधि माना जाता है। सूर्य हमारे आत्मविश्वास, पिता, सम्मान और नेतृत्व क्षमता का कारक है। कमजोर सूर्य वाले लोगों के लिए माणिक्य भाग्य उदय करने वाला रत्न साबित हो सकता है।

Navaneet RathaurJul 11, 2026 06:50 pm IST
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माणिक्य का ज्योतिषीय महत्व

माणिक्य सूर्य की ऊर्जा को मजबूत करता है। जिनकी कुंडली में सूर्य कमजोर होता है, उन्हें अक्सर आत्मविश्वास की कमी, पिता से संबंधों में तनाव और सामाजिक मान-सम्मान की कमी महसूस होती है। माणिक्य इन समस्याओं को दूर करने में मदद करता है। यह रत्न पहनने वाले व्यक्ति में नेतृत्व गुण, साहस और चमक बढ़ाता है।

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किस्मत चमकाता है माणिक्य

जो लोग प्रशासनिक सेवाओं, राजनीति, प्रबंधन या उच्च पदों पर जाना चाहते हैं, उनके लिए माणिक्य बेहद फायदेमंद है। यह रत्न व्यक्ति को सामाजिक मंच पर बोलने का साहस देता है और निर्णय लेने की क्षमता बढ़ाता है। ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार, सही समय पर माणिक्य धारण करने से व्यक्ति की किस्मत सूर्य की तरह चमकने लगती है और अप्रत्याशित सफलता मिलती है।

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स्वास्थ्य पर प्रभाव

आयुर्वेद और ज्योतिष के अनुसार, माणिक्य हृदय, आंखों और रक्त संचार से जुड़ी समस्याओं में लाभ पहुंचाता है। यह रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है और ऊर्जा का स्तर ऊंचा रखता है। कमजोर सूर्य वाले लोगों को अक्सर थकान, कमजोरी और मानसिक तनाव रहता है। माणिक्य इन समस्याओं को कम करके व्यक्ति को स्वस्थ और सक्रिय बनाता है।

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किसे नहीं पहनना चाहिए माणिक्य?

माणिक्य हर किसी के लिए शुभ नहीं होता है। जिनकी कुंडली में सूर्य पहले से ही मजबूत या प्रतिकूल स्थिति में हो, उन्हें यह रत्न नहीं पहनना चाहिए। खासकर जिनकी कुंडली में शनि, राहु या केतु का प्रबल प्रभाव हो, उनके लिए माणिक्य नुकसानदायक साबित हो सकता है। गलती से पहनने पर सिरदर्द, आंखों में जलन, अहंकार या आर्थिक अस्थिरता जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

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माणिक्य धारण करने के नियम

माणिक्य को हमेशा सोने या तांबे की अंगूठी में जड़वाना चाहिए। इसे रविवार के दिन सूर्योदय के समय धारण करना सबसे उत्तम माना जाता है। पहनने से पहले इसे गंगाजल और कच्चे दूध में शुद्ध करें। इसे बाएं हाथ की अनामिका उंगली में पहनना चाहिए। इसे कभी भी हीरा, नीलम या गोमेद के साथ नहीं पहनना चाहिए, क्योंकि इन ग्रहों में आपस में शत्रुता मानी जाती है।

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माणिक्य से सही लाभ कैसे लें?

माणिक्य सिर्फ रत्न नहीं, बल्कि सूर्य की ऊर्जा का माध्यम है। इसे सही मुहूर्त, सही वजन और शुद्ध भाव से पहनने पर ही पूरा लाभ मिलता है। धारण करने के बाद नियमित रूप से सूर्य मंत्र का जाप और रविवार का व्रत रखना और भी फायदेमंद होता है।

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माणिक्य से जीवन में बदलाव

सही व्यक्ति द्वारा सही समय पर पहना गया माणिक्य जीवन में सम्मान, सफलता और समृद्धि लेकर आता है। लेकिन गलत हाथ में यह नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए ज्योतिषीय सलाह लेकर ही इसे धारण करें। डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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