
आपने अपने आसपास लोगों को ये कई बार कहते हुए सुना होगा कि मेरी तो किस्मत ही खराब है या फिर मेरी किस्मत ही सो गई है। अब सोचिए अगर कोई रत्न पहनने से ये सोई हुई किस्मत जाग जाए। रत्न शास्त्र में ऐसे कई रत्नों का जिक्र है जो किस्मत में चार चांद लगाते हैं। पुखराज, पन्ना और माणिक्य इन्हीं रत्नों में से एक है। आइए जानते हैं कि इन्हें पहनने का सही तरीका क्या है?

2/8रत्नशास्त्र में पुखराज का संबंध गुरु ग्रह यानी जूपिटर से बताया जाता है। माना जाता है कि इस रत्न को पहनने से शादी और धन संबंधी दिक्कतें धीरे-धीरे खत्म हो जाती हैं और इसी के साथ घर में खुशियां आती हैं।

3/8शास्त्र के अनुसार पुखराज को हमेशा गुरुवार के दिन पहनना चाहिए। ॐ बृं बृहस्पतये नमः मंत्र पढ़ते हुए इसे दाएं हाथ की तर्जनी उंगली में पहनने से खूब लाभ मिलेगा।

4/8पन्ना का संबंध बुध ग्रह से बताया जाता है। इसे धारण करने से दिमाग सही दिशा में चलता है। नौकरी, बिजनेस, पढ़ाई या फिर कम्यूनिकेशन से जुड़ा काम करने वालों के लिए ये रत्न शुभ माना जाता है। इससे फोकस बढ़ाने में मदद मिलती है।

5/8रत्न शास्त्र में पन्ना पहनने का सही तरीका बताया गया है। इस रत्न को अगर बुधवार के दिन सही विधि-विधान के साथ पहना जाए तो ये लाभ देता है। इसे पहनते वक्त ॐ बुं बुधाय नमः मंत्र का जाप करना चाहिए।

6/8शास्त्र में माणिक्य को सूर्य से जुड़ा रत्न माना जाता है। इसे रूबी के नाम से भी जानते हैं। माणिक्य को पहनने से मान-सम्मान में वृद्धि होती है। सरकारी नौकरी या फिर कोई भी उच्च पद पाने के लिए इस रत्न को फलदायी बताया जाता है।

7/8माणिक्य सूर्य से जुड़ा हुआ है और सूर्य का दिन रविवार है। तो ऐसे में इस रत्न को इसी दिन पहनना शुभ माना जाता है। माणिक्य धारण करते वक्त ॐ सूर्याय नमः मंत्र का जाप करना चाहिए। इसे दाहिने हाथ की अनामिका उंगली में पहनते हैं।

8/8कोई भी रत्न पहनने से पहले एक बार कुंडली सही ज्योतिषी को जरूर दिखाएं। गलत रत्न पहनने से ये आप पर गलत असर भी डाल सकते हैं। डिस्क्लेमर- इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
