
रत्न शास्त्र में हर रत्न का संबंध किसी ना किसी ग्रह से जुड़ा हुआ माना जाता है। इसी वजह से पुखराज, नीलम, मोती या पन्ना पहनने से पहले सही दिन, मंत्र और उंगली के नियम जानना जरूरी होता है। मान्यता है कि सही तरीके से पहना हुआ रत्न ही अपना असर सही से छोड़ता है।

2/8रत्न शास्त्र के हिसाब से पुखराज गुरु ग्रह से जुड़ा रत्न माना जाता है। इसे गुरुवार के दिन दाहिने हाथ की तर्जनी उंगली में पहनना शुभ माना जाता है। जब भी पहने तो ॐ बृहस्पतये नमः मंत्र का जाप करें।

3/8नीलम शनि ग्रह से प्रभावित होता है। इसे शनिवार के दिन दाहिने हाथ की मध्यमा उंगली में पहनना शुभ माना जाता है। पहनते वक्त ॐ शनैश्चराय नमः मंत्र बोलें।

4/8रत्न शास्त्र के अनुसार मोती चंद्र ग्रह का रत्न है। इसे सोमवार को दाहिने हाथ की छोटी उंगली में धारण करना शुभ माना जाता है। इसे पहनते वक्त ॐ सोमाय नमः पढ़ें।

5/8पन्ना की गिनती पावरफुल रत्नों में होती है। इसे बुध ग्रह का रत्न माना जाता है। इसे बुधवार के दिन दाहिने हाथ की कनिष्ठा यानी छोटी उंगली में पहनने की सलाह दी जाती है। इसे पहनते वक्त ॐ बुधाय नमः मंत्र का जाप करना चाहिए।

6/8रत्न शास्त्र के अनुसार मूंगा मंगल ग्रह से जुड़ा माना जाता है। इसे मंगलवार के दिन दाहिने हाथ की अनामिका उंगली में पहनना अच्छा माना जाता है। जब भी धारण करें तो ॐ मंगलाय नमः मंत्र का जाप करें।

7/8रत्न शास्त्र के अनुसार हीरा शुक्र ग्रह से जुड़ा माना जाता है। इसे शुक्रवार के दिन दाहिने हाथ की अनामिका या मध्यमा उंगली में पहनना चाहिए। धारण करते वक्त ॐ शुक्राय नमः मंत्र पढ़ें।

8/8माणिक्य यानी रूबी को सूर्य ग्रह से जुड़ा रत्न माना जाता है। इसे रविवार के दिन सुबह दाहिने हाथ की अनामिका उंगली में पहनना शुभ माना जाता है। पहनते हुए ॐ सूर्याय नमः मंत्र का जाप कर लेंगे तो इसकी पावर और बढ़ जाएगी। डिस्क्लेमर- इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
