
मूलांक 3 के जातकों को गुरु की कृपा से ज्ञान और धन दोनों की प्राप्ति आसानी से होती है। ये लोग दूसरों के अधीन काम करना पसंद नहीं करते और हमेशा अपनी राह खुद बनाना चाहते हैं। आइए जानते हैं इन मूलांक के जातकों के बारे में विस्तार से।

2/8मूलांक 3 वाले लोग बुद्धिमान और दूरदर्शी होते हैं। इनमें नेतृत्व करने की प्राकृतिक क्षमता होती है। ये काम को लेकर बेहद जिद्दी होते हैं और अपना लक्ष्य हासिल करने के लिए रुकावटों को पार करते जाते हैं। स्वाभिमान इनकी सबसे बड़ी खूबी है, लेकिन कभी-कभी यही स्वभाव उन्हें अड़ियल भी बना देता है।

3/8मूलांक 3 के लोग अच्छे व्यवसायी और नेता बनते हैं। इनकी दूरदर्शिता और बुद्धिमत्ता उन्हें उच्च पदों तक ले जाती है। चाहे नौकरी हो या अपना बिजनेस, ये दोनों क्षेत्रों में अच्छा प्रदर्शन करते हैं। काम में ये रचनात्मकता और नई सोच लाते हैं, जिससे उन्हें जल्दी सफलता मिलती है। लेकिन सफलता के लिए उन्हें अपनी जिद को नियंत्रित करना सीखना पड़ता है।

4/8बृहस्पति की कृपा से मूलांक 3 के जातकों के जीवन में धन की कमी बहुत कम होती है। इन्हें मनी मैगनेट भी कहा जाता है। ये लोग कई स्रोतों से कमाई करते हैं और बचत करने की अच्छी आदत रखते हैं। जिद्दी स्वभाव के कारण ये जो भी काम शुरू करते हैं, उसमें अच्छा मुनाफा कमाते हैं। लेकिन खर्च करने में थोड़ी लापरवाही भी इनकी कमजोरी हो सकती है।

5/8मूलांक 3 वाले लोग नई चीजें सीखने के शौकीन होते हैं। इनकी तीक्ष्ण बुद्धि और संचार कौशल इन्हें हर क्षेत्र में अलग पहचान दिलाता है। ये किताबी ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक समझ भी रखते हैं। यही वजह है कि लोग इनकी सलाह लेने के लिए आते हैं। इनकी रुचि साहित्य, कला, शिक्षण और प्रबंधन में ज्यादा होती है।

6/8इनकी वास्तविक प्रगति आमतौर पर 21 वर्ष की आयु के बाद शुरू होती है। 30 साल की उम्र में इनकी धन कमाने की क्षमता चरम पर पहुंचती है। 33 से 39 वर्ष की आयु इनके जीवन का स्वर्णिम काल होता है। इस दौरान ये ना सिर्फ आर्थिक रूप से मजबूत होते हैं, बल्कि सामाजिक सम्मान भी प्राप्त करते हैं।

7/8मूलांक 3 वाले लोगों को अपनी जिद और स्वाभिमान पर नियंत्रण रखना चाहिए। कभी-कभी ये दूसरों की सलाह नहीं मानते, जिससे नुकसान हो सकता है। गुस्सा और अहंकार इनकी कमजोरी है। अगर इन्हें समय रहते संभाला जाए, तो ये बहुत बड़ी ऊंचाइयों को छू सकते हैं।

8/8मूलांक 3 के जातकों के लिए नियमित गुरुवार का व्रत और पीला रंग पहनना शुभ होता है। बृहस्पति की कृपा बनाए रखने के लिए पीपल का पेड़ लगाना या उसकी पूजा करना फायदेमंद है। सकारात्मक सोच और धैर्य बनाए रखने से इनकी सफलता और भी स्थिर होती है। डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
