
मूलांक 7 वाले लोग दिल के बहुत साफ और दिमाग के ठंडे होते हैं। ये चीज़ों को ऊपरी तौर पर नहीं, बल्कि गहराई से समझने की कोशिश करते हैं। बाहर से ये शांत और थोड़े संकोची नजर आ सकते हैं, लेकिन अंदर से बहुत संवेदनशील और विचारशील होते हैं। फालतू की बातें, दिखावा और शोर-शराबा इनको पसंद नहीं। ये अकेले में समय बिताना पसंद करते हैं, क्योंकि उसी में उन्हें अपनी असली ताकत का एहसास होता है।

2/8रिश्तों में ये लोग बेहद वफादार और ईमानदार होते हैं। जल्दी किसी पर भरोसा नहीं करते, लेकिन एक बार भरोसा कर लें तो पूरा जीवन साथ निभाते हैं। झूठ और धोखा इनके लिए बर्दाश्त से बाहर है। अगर कोई इन्हें धोखा देता है, तो ये चुपचाप उस व्यक्ति से दूर हो जाते हैं। ये रिश्तों में गहराई चाहते हैं, सतही बातें इन्हें आकर्षित नहीं करती है। परिवार और खास लोगों के प्रति इनका लगाव बहुत गहरा होता है।

3/8मूलांक 7 वाले लोग आमतौर पर रिसर्च, जांच-पड़ताल, लेखन, आध्यात्मिक क्षेत्र, विज्ञान या टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में अच्छा करते हैं। इनकी सोच गहरी होने के कारण ये छोटी-छोटी बातों में भी नई संभावनाएं देख लेते हैं। केतु की मेहरबानी से इनकी सफलता अक्सर कम उम्र में ही शुरू हो जाती है। ये जल्दबाजी नहीं करते, इसलिए जो काम करते हैं, उसे अच्छे से करते हैं।

4/8केतु के प्रभाव के कारण मूलांक 7 के लोगों का स्वाभाविक झुकाव आध्यात्म, रहस्य और गहरी ज्ञान की तरफ होता है। ये अक्सर अकेले में ध्यान, पढ़ाई या आत्मचिंतन करते पाए जाते हैं। जीवन के बड़े सवालों पर सोचने की आदत इन्हें दूसरों से अलग करती है। कई बार ये छोटी उम्र में ही जीवन की गहराई समझ जाते हैं, जिस वजह से इनकी परिपक्वता जल्दी दिखने लगती है।

5/8मूलांक 7 वाले लोग आमतौर पर कम उम्र में ही अपनी राह बना लेते हैं। केतु इन्हें समझ और अंदर की आवाज सुनने की शक्ति देता है। जब ये अपनी अंतरात्मा की सुनते हैं, तो सही फैसले ले पाते हैं। इसलिए कई बार देखा जाता है कि ये 25-30 साल की उम्र में ही अच्छी सफलता हासिल कर लेते हैं। मेहनत और गहरी सोच इनकी सबसे बड़ी ताकत है।

6/87, 16 या 25 तारीख को जन्मे लोग सादगी पसंद करते हैं। दिखावे और शोर-शराबे से दूर रहते हैं। इनकी जिंदगी में संतुलन बहुत जरूरी है। परिवार और खासकर बच्चों के प्रति इनका प्यार गहरा होता है। ये अपनी शर्तों पर जीना पसंद करते हैं और किसी का दबाव बर्दाश्त नहीं करते हैं।

7/8इनकी सबसे बड़ी चुनौती अकेलापन है। ये खुद को दूसरों से अलग महसूस करते हैं, जिससे कभी-कभी उदासी घेर लेती है। लोगों को समझाने में समय लगता है, इसलिए कभी-कभी गलतफहमी भी होती है। लेकिन समय के साथ ये अपनी कमजोरियों को ताकत में बदल लेते हैं।

8/8अपनी गहराई को ताकत बनाएं, लेकिन लोगों से पूरी तरह अलग ना हो जाएं। समय-समय पर अपनों से खुलकर बात करें। अपनी अंतरात्मा की आवाज़ को हमेशा सुनें, लेकिन व्यावहारिक दुनिया से भी जुड़े रहें। केतु की शक्ति को सही दिशा में लगाएं, तो जीवन में सफलता और शांति दोनों मिलेगी। डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
