
वास्तु शास्त्र में मुख्य द्वार को घर में ऊर्जा के आगमन का सबसे महत्वपूर्ण सोर्स माना जाता है। ऐसे में माना जाता है कि यहां की सजावट वास्तु के अनुसार की जाए तो काफी हद तक घर के माहौल को सकारात्मक रखा जा सकता है। मुख्य द्वार पर बनाए गए कुछ शुभ चिन्ह सुख, शांति और सकारात्मकता का प्रतीक माने जाते हैं।

2/7वास्तु शास्त्र के अनुसार मुख्य द्वार पर स्वास्तिक का निशान बनाना बेहद शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं में इसे सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। माना जाता है कि मुख्य द्वार पर स्वास्तिक बनाने से घर की शुद्धता बनी रहती है। इसी वजह से कई लोग विशेष अवसरों और त्योहारों पर इसे जरूर बनाते हैं।

3/7वास्तु मान्यता है कि अगर मुख्य द्वार पर ॐ का निशान बनाया जाए तो घर की सकारात्मकता बढ़ेगी। इससे घर का वातावरण शांत होता है। साथ ही इससे मन भी अच्छा रहता है। ॐ को हिंदू धर्म में पवित्र प्रतीकों में गिना जाता है और इसी वजह से लोग इसका स्टीकर भी मुख्य द्वार पर लगाते हैं।

4/7वास्तु में शुभ-लाभ को तरक्की और खुशहाली के प्रतीक के रूप में देखा जाता है। मुख्य द्वार पर इसे लिखने की परंपरा काफी पुरानी है। माना जाता है कि इसे घर के बाहर लिखने से शुभ काम जल्दी-जल्दी होते हैं। वहीं इसकी ऊर्जा से परिवार के सदस्य जिंदगी में सफलता की ओर बढ़ते हैं।

5/7मुख्य द्वार पर मां लक्षमी के पदचिह्न बनाने को सौभाग्य के आगमन के तौर पर देखा जाता है। बस ध्यान रहें कि मां लक्ष्मी के पदचिन्ह अंदर की ओर आते हुए नजर आएं। माना जाता है कि इससे घर में धन, सुख-समृद्धि और सौभाग्य का आगमन होता है।

6/7जब भी आप मुख्य द्वार पर ये निशान बनाएं तो पहले वहां की साफ-सफाई कर लें। अब श्रद्धा भाव के साथ रोली, कुमकुम, हल्दी और चंदन को मिला लें और इसी से ये सारे निशान बना लें। आप चाहे तो इन चारों में से अपनी पसंद से एक या फिर इससे भी ज्यादा निशान बना सकते हैं।

7/7बस आपको इस बात का ध्यान रखना है कि ये चारों निशान जिंदगी में खुशहाली तो लाएंगे लेकिन आपके अच्छे कर्म भी जरूरी हैं। ये उपाय धार्मिक मान्यता पर आधारित होते हैं। इन्हें बनाने के साथ-साथ घर में आप भी अपने बात-व्यवहार का ख्याल रखें और सोच हमेशा सकारात्मक ही रखें। डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)
