Hindi Newsफोटोपंचांग-पुराणखाटू श्याम जी को प्रिय हैं ये भोग, चढ़ाने से पूरी होती हैं सारी मुरादें

खाटू श्याम जी को प्रिय हैं ये भोग, चढ़ाने से पूरी होती हैं सारी मुरादें

देवउठनी एकादशी बेहद खास होता है। इस दिन से भगवान विष्णु योग निद्रा से जागते हैं और इसी दिन से शुभ कार्यों की शुरुआत भी होती है। इतना ही नहीं यह दिन खाटू श्याम जी के जन्मोत्सव के रूप में भी मनाया जाता है। जिन्हें ‘हारे के सहारे’ कहा जाता है। चलिए जानते हैं उन्हें कौन से भोग चढ़ाने चाहिए।

Dheeraj PalNov 01, 2025 01:19 pm IST
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खाटू श्याम जन्मोत्सव

इस साल खाटू श्याम जी का जन्मदिन 1 नवंबर 2025, शनिवार को मनाया जाएगा। इस खास मौके पर देशभर में उनके मंदिरों में भव्य कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। राजस्थान के सीकर जिले स्थित खाटूधाम मंदिर में इस दिन विशेष उत्सव का आयोजन होता है।

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क्या-क्या लगाएं भोग

इस मंदिर में हजारों श्रद्धालु दूर-दूर से बाबा के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मान्यता है कि हर मनोकामना पूरी होती है और जीवन की परेशानियां दूर हो जाती हैं। साथ ही उन्हें प्रसन्न करने के लिए लोग तरह-तरह के प्रिय भोग लगाते हैं। ऐसे में आज हम जानेंगे कि खाटू श्याम को क्या-क्या भोग लगा सकते हैं।

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बाबा श्याम जी को प्रिय भोग

धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, बाबा श्याम को चूरमा, खीर, पेड़े और मिश्री का भोग बहुत प्रिय है। भक्त घर पर शुद्ध देसी घी से बना चूरमा या पेड़ा तैयार करके उन्हें भोग लगा सकते हैं।

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कच्चा दूध

बाबा शाम को सबसे अधिक प्रिय चीज कच्चा दूध है। मंदिर में आरती के दौरान बाबा श्याम को मुख्य रूप से गाय के कच्चे दूध का भोग जरूर लगाया जाता है। बाबा श्याम गाय के कच्चे दूध को ही ग्रहण करते हैं।

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प्रसाद सब में बांटें

पूजा के बाद आरती करें और फिर प्रसाद परिवार तथा आसपास के लोगों में बांटें। कहा जाता है कि इस दिन बाबा को प्रसन्न करने वाला व्यक्ति धन, सुख और समृद्धि प्राप्त करता है।

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कैसे करें पूजा

इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ-सुथरे पीले या लाल वस्त्र पहनें। पूजा स्थल को साफ करें और गंगाजल से शुद्ध करें। फिर एक चौकी पर लाल या पीले कपड़े बिछाकर बाबा श्याम जी की तस्वीर या प्रतिमा स्थापित करें।

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दीपक अर्पित करें

इसके अलावा फूल, माला, अगरबत्ती और दीपक अर्पित करें। पूजा स्थल के सामने रंगोली बनाना भी शुभ माना जाता है। इसके बाद घी का दीपक जलाएं और ‘ॐ श्री श्याम देवाय नमः’ या ‘जय श्री श्याम’ मंत्र का 11, 21 या 108 बार जाप करें।

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नोट

यह खबर सामान्य जानकारियों, धर्म ग्रंथों और विभिन्न माध्यमों पर आधारित है। किसी भी तरह की विशेष जानकारी के लिए धर्म विशेषज्ञ से उचित सलाह लें।