
शाम के समय घर में कपूर का धुआं दिखाना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे घर में पॉजिटिव एनर्जी बनी रहती है और इससे नेगेटिविटी को काफी हद तक खत्म किया जा सकता है। हालांकि कपूर जलाने से जुड़े कुछ जरूरी हैं जिनका ध्यान रखना शुभ माना जाता है और इससे खूब लाभ भी मिलता है।

2/7वास्तु शास्त्र मान्यता के अनुसार उत्तर-पूर्व दिशा यानी ईशान कोण और पूर्व में कपूर जलाना शुभ माना जाता है। माना जाता है कि इस दिशा में कपूर जलाने से पॉजिटिविटी आती है और बुरी से बुरी नजर दूर होती है।

3/7धार्मिक मान्यता के अनुसार शाम की पूजा या फिर सूर्यास्त हो जाने के बाद ही कपूर जलाना अच्छा माना जाता है। कहा जाता है कि इससे घर का माहौल शुद्ध और शांत होता है जिससे घर की पॉजिटिव एनर्जी सुरक्षित रहती है।

4/7कपूर जलाने से पहले जगह की साफ-सफाई का ध्यान रखना जरूरी माना जाता है। बाथरूम या गंदी जगह के आसपास कपूर जलाने से बचना चाहिए। ऐसा करने से घर की अच्छी एनर्जी धीरे-धीरे खत्म होने लगती है।

5/7वास्तु मान्यता है कि टूटे हुए दीए या खराब बर्तन में कपूर जलाना अशुभ होता है। कपूर को हमेशा साफ दीए या थाली में ही जलाना बेहतर माना जाता है। इससे घर में अच्छी एनर्जी आती है और बुरी नजर अच्छे से दूर होती है।

6/7अक्सर देखा जाता है कि कई लोग ज्यादा धुआं करने के लिए बहुत सारा कपूर एक साथ जला देते हैं जोकि सही तरीका नहीं है। जरूरत से ज्यादा कपूर जलाना सही नहीं माना जाता है।

7/7वास्तु शास्त्र के अनुसार अगर आप कपूर के साथ कुछ लौंग भी जला लेंगे तो इसका असर दोगुना हो जाएगा। डिस्क्लेमर- इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
