
वास्तु शास्त्र कहता है कि मुख्य द्वार पर भगवान की तस्वीर लगाना ईश्वर का अपमान करने के समान है। कई बार तस्वीर ऐसी जगह लग जाती है जहां तेज धूप और बारिश का सीधा प्रभाव पड़ता है। हम खुद धूप में नहीं बैठ सकते, तो भगवान को भी ऐसे स्थान पर स्थापित नहीं करना चाहिए। इससे वास्तु दोष लग सकता है।

2/8मुख्य द्वार बाहरी वातावरण से जुड़ा होता है। वहां लगी तस्वीर दिनभर धूप, धूल और बारिश झेलती है। यह सम्मानजनक नहीं माना जाता। नकारात्मक बाहरी ऊर्जा का प्रभाव सीधे तस्वीर पर पड़ सकता है। इससे घर की ऊर्जा प्रभावित होती है। इसलिए बाहरी दीवार पर भगवान का चित्र ना लगाएं।

3/8मुख्य द्वार के पास अक्सर गंदगी रहती है और लोग जूते-चप्पल उतारते हैं। उसी स्थान पर लगी भगवान की तस्वीर का अपमान होता है। वास्तु के अनुसार, ईश्वर को स्वच्छ और पवित्र स्थान पर ही स्थापित करना चाहिए। गंदगी वाले क्षेत्र में तस्वीर रखना शुभ नहीं माना जाता है।

4/8भगवान की तस्वीर या मूर्ति के लिए सबसे अच्छा स्थान घर का मंदिर है। मंदिर को ईशान कोण में स्थापित करें। वहां सभी तस्वीरें और मूर्तियां रखने

5/8कई लोग विघ्नहर्ता गणपति को मुख्य द्वार पर लगाते हैं। वास्तु में कहा जाता है कि गणपति की पीठ की तरफ पाताल लोक होता है। मुख्य द्वार पर लगाने से नकारात्मक ऊर्जाओं का प्रवेश घर के भीतर होने लगता है। इसलिए गणेश जी को कभी मुख्य द्वार पर ना लगाएं। उन्हें मंदिर में ही स्थापित करें।

6/8भगवान की तस्वीर के बजाय मुख्य द्वार पर स्वास्तिक या ॐ का चिह्न बना सकते हैं। ये शुभ प्रतीक माने जाते हैं और ऊर्जा को संतुलित रखते हैं। कुछ लोग शंख या आम के पत्तों का तोरण भी लगाते हैं। ये उपाय सकारात्मकता बढ़ाते हैं बिना किसी दोष के।

7/8यदि आपके घर के मुख्य द्वार पर किसी देवी-देवता की तस्वीर लगी है, तो उसे तुरंत हटा दें। सम्मानपूर्वक मंदिर में स्थापित करें। तस्वीर को साफ करके ही स्थानांतरित करें। इससे वास्तु दोष से बचा जा सकता है और घर की ऊर्जा शुद्ध रहती है।

8/8वास्तु के सही नियमों का पालन करने से घर में शांति और समृद्धि बनी रहती है। मुख्य द्वार को साफ-सुथरा रखें और शुभ चिह्न लगाएं। भगवान का स्थान मंदिर में सुनिश्चित करें। इन छोटी बातों का ध्यान रखने से नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार बना रहता है। डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
