
हीरा बेहद कीमती रत्न माना जाता है। कुंडली में ग्रहों की स्थिति और राशि के अनुसार रत्न धारण करना चाहिए। रत्न को धारण करने के भी अपने-अपने नियम बताए गए हैं, जिनका पालन करना जरूरी है।

2/7शुक्र ग्रह से संबंधित माना जाता है हीरा। हीरे को सही विधि और सही तरीके से धारण करने पर शुक्र ग्रह को मजबूत किया जा सकता है। शुक्र ग्रह का संबंध संपत्ति, प्रेम जीवन, ऐशो-आराम, सुंदरता और धन से माना जाता है।

3/7हीरे के रत्न को सोने या चांदी के धातु में जड़वा कर धारण किया जा सकता है। गंगाजल, दूध और शहद से पहले हीरे की शुद्धि करें। फिर इसे माता लक्ष्मी के चरणों में अर्पित कर दें। माता लक्ष्मी की विधिवत पूजा-अर्चना करें। कुछ देर के बाद इस रत्न को शुक्रवार के दिन ही धारण करना चाहिए।

4/7शुक्र से संबंधित होने के कारण हीरे को शुक्रवार के दिन धारण करना शुभ माना जाता है। वहीं, इसे धारण करने से पहले शुद्धि करना जरूरी माना जाता है।

5/7कुछ राशियों के लिए हीरा भाग्योदय का कारण भी बन सकता है। ज्योतिष विद्या की मानें तो मकर, मिथुन, कुंभ, कन्या, वृषभ और तुला राशि के लोग हीरा धारण कर सकते हैं। कुंडली में शुक्र की स्थिति मजबूत या सकारात्मक होने पर हीरा धारण किया जा सकता है।

6/7मंगल, गुरु और शुक्र एक साथ राशि में विराजमान हों तो हीरा धारण करने से बचना चाहिए।

7/7रत्न विद्या के मुताबिक, मूंगे और माणिक के साथ हीरा नहीं पहनना चाहिए। हीरा धारण करने से पहले आपको अपने ग्रहों की स्थिति जरूर देखनी चाहिए और एस्ट्रोलॉजर की सलाह लेना भी बेहतर रहेगा। डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
