
रत्नशास्त्र की दुनिया में पुखराज और नीलम दोनों ही पावरफुल रत्नों में से एक माने जाते हैं। हालांकि इन्हें साथ में पहनना बिल्कुल भी सही नहीं माना जाता है क्योंकि इससे कई नुकसान हो सकते हैं। जानिए कैसे?

2/7रत्नशास्त्र के अनुसार पुखराज का संबंध गुरु से है। वहीं नीलम शनि ग्रह से संबंधित है। दोनों ही ग्रहों की एनर्जी एक-दूसरे से काफी अलग है। इसी वजह से ज्योतिषी इसे साथ में ना पहनने की सलाह देते हैं।

3/7अगर किसी ने गलती से भी पुखराज और नीलम को एक साथ पहना तो मान्यता है कि इससे उस व्यक्ति को हर छोटी-छोटी बात पर भ्रम होने लगेगा। ऐसे में मन उलझेगा और कोई भी फैसला सही से नहीं लिया जा सकेगा।

4/7रत्नशास्त्र के अनुसार पुखराज और नीलम को साथ पहनने से जिंदगी में कई तरह की बाधाएं आ सकती है। नौकरी से लेकर बिजनेस और शादी जैसी चीजों में रुकावट पैदा हो सकती है। इसी वजह से इन्हें साथ में पहनने से बचना चाहिए।

5/7ऐसी भी मान्यता है कि पुखराज और नीलम को साथ में पहनने से टेंशन भी बढ़ सकती है। बैचेनी बढ़ सकती है और नींद से जुड़ी दिक्कतें भी शुरू हो सकती हैं।

6/7रत्नशास्त्र के हिसाब से पुखराज और नीलम का कॉम्बिनेशन इतना खतरनाक है कि इससे रिश्तों पर बुरा असर पड़ सकता है। कपल्स के बीच गलतफहमी पैदा हो सकती है। इसी वजह से पुखराज के साथ नीलम पहनने की गलती कभी नहीं करनी चाहिए।

7/7आप चाहे पुखराज पहनें या फिर नीलम या कोई भी दूसरा रत्न, धारण करने से पहले जानकार ज्योतिषी की सलाह जरूर लें। डिस्क्लेमर- इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
