
फेंगशुई में घर की छोटी-छोटी चीजों को भी ऊर्जा से जोड़कर देखा जाता है। खासकर बेडरूम में रखा शीशा हमारी सुख-शांति और मानसिक स्थिति पर असर डाल सकता है। ऐसे में इसकी सही जगह और रखने का सही तरीका जानना जरूरी है।

2/7फेंगशुई मान्यता है कि जब हम सोते हैं तो शरीर रेस्ट करने के साथ-साथ खुद को नई एनर्जी के भरता है। ऐसे में जब शीशे में शरीर दिखता है को एनर्जी का बैलेंस गड़बड़ाता है। इसकी वजह से रात में कई लोग बैचेनी सी महसूस करते हैं।

3/7फेंगशुई मान्यता है कि बेडरूम में बेड के ठीक सामने शीशा रखा जाए तो इससे घर की नेगेटिविटी बढ़ने लगती है। इसी के साथ घर के सदस्यों के काम भी धीरे-धीरे रुकते हैं।

4/7बेड के सामने शीशा हो तो ऐसा माना जाता है कि इससे नींद बुरी तरह से प्रभावित होती है। नींद ना पूरी होने पर बिना वजह तनाव होता है और इसके बाद किसी भी काम में मन लगा पाना मुश्किल हो जाता है।

5/7फेंगशुई के नियम के हिसाब से बेड के ठीक सामने लगा हुआ शीशा पति-पत्नी के रिश्ते में तनाव को बढ़ाता है। छोटी-छोटी बात पर बहस होने लगती है। गलफहमियां बढ़ती हैं और मनमुटाव जैसी स्थिति बनने में दे नहीं लगती है।

6/7मान्यता है अगर शीशा घर में गलत जगह हो तो पॉजिटिव एनर्जी बुरी तरह से प्रभावित होती है। इस वजह से खर्चा बढ़ता है। पैसा घर में टिकता नहीं है। इसी वजह से फेंगशुई में शीशे को सही दिशा में रखना बहुत जरूरी माना जाता है।

7/7अगर आपके बेडरूम में शीशा लगा है जिसमें सोते हुए पैर दिखाई दें तो सबसे पहले उसकी दिशा बदल लें। अगर ऐसा संभव ना हो पाए तो शीशे पर पर्दा लगा दें। दरअसल बेडरूम में सही जगह पर रखा हुआ शीशा घर में पॉजिटिविटी ले आता है। डिस्क्लेमर- इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
