
घर में लगा हुआ शीशा ना सिर्फ हमारे काम आता है बल्कि ये जगह की खूबसूरती भी बढ़ा देता है। हालांकि गलत जगह पर लगा हुआ शीशा सुख-शांति और पॉजिटिविटी को छीन सकता है। ऐसे में फेंगशुई के नियम के हिसाब से समझते हैं कि आखिर किन 5 जगहों पर शीशा लगाने से बचना चाहिए।

2/8फेंगशुई के अनुसार बेड के एकदम ठीक सामने शीशा लगाने की गलती नहीं करनी चाहिए। बता दें कि ये तरीका गलत है और इसका जिक्र वास्तु शास्त्र में भी होता है। माना जाता है कि इससे मन बैचेन रहता है और एनर्जी भी खराब होती है।

3/8वास्तु की तरह ही फेंगशुई में भी किचन के सामने शीशा लगाना गलत माना जाता है। फेंगशुई के हिसाब से इससे घर की एनर्जी का सही बैलेंस बिगड़ता है। साथ ही इस गलती की वजह से घर में तनाव की स्थिति बनने के चांस बढ़ जाते हैं।

4/8वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में कभी भी किसी भी सीढ़ी के सामने शीशा लगाने से बचना चाहिए। मान्यता है कि इससे बैचनी बढ़ने लगती है और घर का माहौल भी अस्त-व्यस्त होता है।

5/8कोशिश करनी चाहिए कि बाथरूम के ठीक सामने कोई शीशा ना हो। फेंगशुई में माना जाता है कि इससे घर की पॉजिटिविटी खत्म होने लगती है और जिंदगी में बाधाएं आना शुरू हो जाती हैं।

6/8फेंगशुई के अनुसार घर में टूटा हुआ शीशा ज्यादा दिन के लिए नहीं रखना चाहिए। इससे घर में नेगेटिविटी बढ़ने लगती है। अगर कोई ऐसा शीशा घर में है तो उसे जल्द से जल्द हटाने की कोशिश करनी चाहिए। मान्यता है कि गलती से भी इसमें खुद को देखना दुर्भाग्य को बुलावा देने जैसा है।

7/8फेंगशुई में मुख्य द्वार को काफी महत्व दिया जाता है। नियम के हिसाब से मुख्य द्वार पर शीशा लगाने से बचना चाहिए। ऐसा करने से घर में आने वाली पॉजिटिव एनर्जी शीशे से टकराकर वापस चली जाती है। ऐसे में अगर शीशा लगाना भी है तो ऐसे लगाएं कि उसमें मुख्य द्वार के सामने वाला हिस्सा ना दिखे।

8/8फेंगशुई के अनुसार घर में कुछ जगहों पर शीशा सही तरीके से लगाने पर काफी फायदा मिल सकता है। डाइनिंग रूम में शीशा लगाना शुभ माना जाता है। आप ऐसी खिड़की के पास भी शीशा लगा सकते हैं जहां पर अच्छी रोशनी आती है। इससे एनर्जी भी अच्छी आएगी और घर भी खुला-खुला सा लगेगा। डिस्क्लेमर- इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
