
लोक मान्यता है कि बच्चों को बुरी नजर के प्रति अधिक संवेदनशील माना जाता है। कहा जाता है कि उनकी ऊर्जा कोमल होती है, इसलिए दूसरों की नकारात्मक नजर का असर जल्दी हो सकता है। कई बार बच्चा अचानक रोने लगता है या उसका व्यवहार बदला हुआ नजर आता है। ऐसे में घर के बड़े नजर दोष की आशंका जताते हैं। हालांकि, बच्चे के व्यवहार में अचानक बदलाव होने पर स्वास्थ्य संबंधी कारणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

2/8घर में पूजा-पाठ के दौरान कपूर का इस्तेमाल आम है। इसकी खुशबू और धुआं वातावरण को अलग तरह का एहसास देता है। मान्यता है कि कपूर शुद्धता बढ़ाने के साथ नकारात्मकता दूर करती है। इसी वजह से कई लोग बुरी नजर उतारने के लिए भी कपूर का इस्तेमाल करते हैं। कपूर जलाने से आसपास का वातावरण साफ होता है और नजर दोष का असर कम करने में मदद मिल सकती है।

3/8नजर उतारने के लिए एक छोटा मिट्टी का बर्तन लें और उसमें कपूर का टुकड़ा रखें। कपूर जलाने के बाद बच्चे से उचित दूरी बनाकर उसे उसके आसपास घुमाएं। इस दौरान ध्यान रखें कि जलता हुआ कपूर बच्चे के बिल्कुल पास ना ले जाएं। आग और धुएं से बच्चे को परेशानी हो सकती है। इसलिए यह उपाय करते समय सुरक्षा को सबसे ज्यादा महत्व देना जरूरी है और बच्चे को धुएं से दूर रखना चाहिए।

4/8कपूर को बच्चे के आसपास सात बार घुमाकर नजर उतारने की परंपरा है। ऐसा करते समय परिवार के लोग अपनी श्रद्धा के अनुसार प्रार्थना करते हैं। इसके बाद जलते हुए कपूर को घर से बाहर किसी खुले स्थान पर रख दें। इस उपाय को नजर दोष दूर करने की मान्यता से किया जाता है। इसे धार्मिक विश्वास के तौर पर ही लेना चाहिए।

5/8कपूर से नजर उतारने के इस उपाय के लिए रविवार और मंगलवार का दिन शुभ माना जाता है। हालांकि, ऐसा कोई जरूरी नियम नहीं है कि नजर उतारने के लिए केवल इन्हीं दिनों का इंतजार किया जाए। आप अपनी मान्यता और परंपरा के अनुसार दिन तय कर सकता है।

6/8घर में नकारात्मक माहौल महसूस होने पर लौंग और कपूर जलाने की भी परंपरा है। आमतौर पर शाम के समय दोनों को जलाकर घर के अलग-अलग हिस्सों में इसका धुआं करना चाहिए। अगर रोज ऐसा करना संभव ना हो, तो सप्ताह में एक बार करने की मान्यता है। हालांकि, धुएं से एलर्जी या सांस संबंधी परेशानी वाले लोगों और छोटे बच्चों के आसपास ऐसा करने से बचना चाहिए।

7/8बच्चे की नजर उतारने के लिए कपूर जलाते समय सबसे जरूरी बात सुरक्षा है। जलता कपूर कभी भी बच्चे के शरीर के पास ना ले जाएं और कमरे को बंद करके धुआं जमा ना करें। बच्चे को धुएं से दूर रखें और कपूर को हमेशा सुरक्षित जगह पर जलाएं। आग की छोटी सी लापरवाही भी परेशानी का कारण बन सकती है। इसलिए धार्मिक उपाय करते समय भी सामान्य सावधानी को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

8/8बच्चे का लगातार रोना, दूध नहीं पीना, सुस्ती, बेचैनी या व्यवहार में अचानक बदलाव केवल बुरी नजर की वजह से हो, यह जरूरी नहीं है। ऐसे लक्षण बीमारी या किसी दूसरी परेशानी के कारण भी हो सकते हैं। इसलिए नजर उतारने का घरेलू उपाय करने के साथ बच्चे की सेहत पर भी नजर रखें। अगर बच्चा लगातार परेशान है या उसकी स्थिति सामान्य नहीं हो रही है, तो डॉक्टर से सलाह लेना ज्यादा जरूरी है। डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
