1/7सनातन धर्म में ब्रह्म मुहूर्त को बेहद ही खास माना जाता है। ब्रह्म मुहूर्त का समय सुर्योदय से ठीक पहले होता है। सूरज के उगने से डेढ़ घंटे पहले वाले समय (3.50 बजे से 5.30 बजे) को ही ब्रह्म मुहूर्त कहा जाता है। शास्त्रों के अनुसार इस समय में किया गया काम सफल होता है। साथ ही जिसने इस समय का सही से उपयोग कर लिया तो समझ जाइए उसने जिंदगी की आधी रेस ऐसे ही जीत ली। तो चलिए जानते हैं कि आखिर इस शुभ समय पर हमें क्या-क्या काम करना चाहिए?

ब्रह्म मुहूर्त में आपका मन कम भटकता है। ऐसे में इस दौरान अपने ईष्ट देवता को सच्चे मन से याद करना सबसे सही होता है। इस दौरान आप उनसे पूरे दिन के लिए एक सकारात्मक दृष्टिकोण की कामना कर सकते हैं।

ब्रह्म मुहूर्त का समय काफी पावरफुल होता है। इस समय मेडिटेशन करने से मन एकाग्र रहने लगता है। एक फोकस्ड माइंडसेट से आप अपने लक्ष्यों को आसानी से पा सकते हैं। वहीं इस दौरान किए गए मंत्रों के जाप से अलग तरह की एनर्जी मिलती है।

अगर आप फिटनेस फ्रीक है तो ब्रह्म मुहूर्त में किया गया योग और प्राणायाम आपको दिन भर के लिए फ्रेश कर देगा। एक फ्रेश माइंड के साथ जब आप दिन की शुरुआत करेंगे तो सारे कामों में अच्छा रिजल्ट ही पाएंगे।

ब्रह्म मुहूर्त में शास्त्र और ग्रंथों को पढ़ने से इसमें लिखी हर बात दिमाग में अच्छे से बैठ जाती है। शास्त्रों से मिले ज्ञान से आप अपनी जिंदगी को नई दिशा दे सकते हैं। इसका फायदा ये भी है कि आप मुश्किल से मुश्किल घड़ी में भी नहीं घबराएंगे।

ब्रह्म मुहूर्त में उठने से आपको एक लाभ ये भी मिलेगा कि आप सूर्योदय के दर्शन कर सकते हैं। इस दौरान सूर्य की किरणों से अच्छी ऊर्जा निकलती है, जो आपको अंदर से पॉजिटिव करेगी।

इस दौरान भजन और चालीसा पढ़ने से मन को अलग ही शांति मिलती है। कोशिश करें कि इसे कम आवाज में ही पढ़ा जाए ताकि ये सिर्फ आपको ही सुनाई दे। इससे दूसरे डिस्टर्ब नहीं होंगे और आप ठीक से एकाग्र भी कर पाएंगे।
