रत्नशास्त्र: गलती से भी इन 6 राशि वाले लोगों को नहीं पहनना चाहिए नीलम, फायदे की जगह होगा नुकसान, बढ़ जाएगा दुर्भाग्य

नीलम रत्न को ज्योतिष में शनि ग्रह का रत्न माना जाता है। यह मेहनत करने वालों को राजा बना सकता है, लेकिन गलत व्यक्ति के लिए दुर्भाग्य का कारण भी बन जाता है। इसलिए इसे धारण करने से पहले अपनी राशि, कुंडली और शनि की स्थिति को अच्छे से समझना जरूरी है। बिना जानकारी के नीलम पहनने से परेशानियां आ सकती हैं।

Navaneet RathaurMay 04, 2026 06:54 pm IST
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नीलम रत्न का स्वभाव

नीलम शनि ग्रह से जुड़ा होने के कारण कर्म और मेहनत का प्रतीक है। यह उन लोगों के लिए बहुत लाभकारी होता है जिनकी कुंडली में शनि मजबूत या अनुकूल स्थिति में हो। लेकिन जिनकी कुंडली में शनि प्रतिकूल हो, उनके लिए यह रत्न नुकसान पहुंचा सकता है। ज्योतिष शास्त्र में इसे राजा को रंक और रंक को राजा बनाने वाला रत्न कहा जाता है, इसलिए सावधानी बरतना अत्यंत आवश्यक है।

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इन 6 राशियों को कभी नहीं पहनना चाहिए नीलम

ज्योतिष के अनुसार मेष, कर्क, सिंह, वृश्चिक, धनु और मीन राशि के जातकों को नीलम रत्न बिल्कुल नहीं पहनना चाहिए। इन राशियों के स्वामी ग्रहों का शनि से शत्रुत्व भाव होता है। यदि इन राशि वाले लोग नीलम धारण करते हैं तो उनके पारिवारिक जीवन में अशांति, आर्थिक परेशानी, स्वास्थ्य समस्या और मानसिक तनाव बढ़ सकता है। इन राशियों में नीलम का प्रभाव उल्टा पड़ता है और दुर्भाग्य को निमंत्रण दे सकता है।

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किन राशि वालों के लिए शुभ है नीलम

नीलम रत्न मिथुन, कन्या, तुला, मकर और कुंभ राशि वालों के लिए विशेष रूप से शुभ माना जाता है। इन राशियों के स्वामी ग्रह शनि से मैत्री रखते हैं। खासकर मकर और कुंभ राशि वालों को नीलम पहनने से करियर में तरक्की, आर्थिक मजबूती और निर्णय लेने की क्षमता बढ़ती है। सही व्यक्ति को नीलम पहनने से शनि के अशुभ प्रभाव कम होते हैं और जीवन में स्थिरता आती है।

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कुंडली में कब फायदेमंद होता है नीलम

यदि कुंडली में शनि छठे, आठवें या बारहवें भाव में हो, या शनि-राहु की युति बनी हो तो नीलम धारण करने से लाभ हो सकता है। ढैय्या या साढ़ेसाती चल रही हो तो भी योग्य ज्योतिषी की सलाह से नीलम पहना जा सकता है। लेकिन शनि मेष राशि में हो या सूर्य के साथ युति में हो तो नीलम फायदेमंद साबित होता है। बिना ज्योतिषीय परामर्श के इसे कभी नहीं पहनना चाहिए।

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नीलम धारण करने के नियम

नीलम सोमवार या शनिवार को धारण करना शुभ होता है। इसे दाहिने हाथ के अंगूठे में पहनना सबसे प्रभावी माना जाता है। अंगूठी बिना जोड़ की और शुद्ध होनी चाहिए। जब नीलम काला पड़ने लगे तो उसे तुरंत साफ करवाएं। पूर्णिमा के दिन नीलम पहनने से इसका प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है।

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नीलम के फायदे और नुकसान

सही व्यक्ति को नीलम पहनने से शनि के अशुभ प्रभाव दूर होते हैं, बाधाएं कम होती हैं, आर्थिक स्थिति मजबूत होती है और मान-सम्मान बढ़ता है। लेकिन गलत राशि या गलत समय में पहनने से दुर्घटना, आर्थिक हानि, मानसिक तनाव और परिवार में कलह जैसी गंभीर समस्याएं आ सकती हैं।

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ज्योतिषी से सलाह

नीलम अत्यंत शक्तिशाली रत्न है, इसलिए इसे बिना ज्योतिषी की सलाह के कभी ना पहनें। यदि आपकी राशि मेष, कर्क, सिंह, वृश्चिक, धनु या मीन है तो गलती से भी नीलम से दूर रहें। सही समय और सही विधि से नीलम धारण करने पर ही जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आ सकता है। डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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