
नीलम को शनि ग्रह का रत्न माना जाता है। रत्न शास्त्र के अनुसार ये बहुत तेजी से असर दिखाने वाला रत्न होता है। हालांकि कुछ रत्नों के साथ इसे पहनना अशुभ माना जाता है। मान्यता है कि गलत रत्नों के साथ नीलम पहनने से ग्रहों का असर टकराने लगता है जिससे परेशानी बढ़ सकती है।

2/10नीलम को धारण करने से शनि ग्रह को मजबूत करता है। इससे मेहनत का फल जल्दी मिलने में मदद मिल सकती है। ये रत्न नौकरी और बिजनेस अच्छी सफलता दिलाता है।

3/10रत्न शास्त्र के अनुसार नीलम को शनिवार के दिन पहनना शुभ माना जाता है। पहले इसे गंगाजल और कच्चे दूध से शुद्ध कर लें। इसके बाद ॐ शं शनैश्चराय नमः मंत्र का 108 बार जाप करते इसे दाहिने हाथ की मध्यमा उंगली में पहन लें।

4/10ज्योतिष के अनुसार सही कॉम्बिनेशन के साथ नीलम पहनने से शनि ग्रह मजबूत होता है। इससे करियर, पैसे की मजबूती, आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता में सुधार देखने को मिल सकता है।

5/10आप कुंडली दिखाकर नीलम धारण कर सकते हैं। वैसे तो रत्न और ज्योतिष शास्त्र के हिसाब से मकर राशि (Capricorn) और कुंभ राशि (Aquarius) को नीलम शुभ फल देता है।

6/10माणिक्य रत्न सूर्य ग्रह से संबंधित है। सूर्य और शनि के बीच बनती नहीं है। इसी वजह से इन्हें साथ ना पहनने की सलाह दी जाती है। इन्हें साथ पहनने से मानसिक शांति और रिश्ते पर बुरा असर पड़ता है।

7/10चंद्रमा का रत्म मोती है। ज्योतिष शास्त्र में चंद्रमा और शनि का मेल अशुभ माना गया है। ऐसे में मोती और नीलम को साथ पहनने से तनाव, डर और ओवरथिंकिंग की स्थिति बनेगी।

8/10मूंगा मंगल ग्रह से जुड़ा है और ये शनि की ऊर्जा से मिलकर टकराव पैदा करती है। ऐसे में गुस्सा बढ़ेगा। किसी के साथ विवाद होने की स्थिति बन सकती है और जल्दबाजी में काम बिगड़ेंगे।

9/10रत्नशास्त्र के अनुसार ये कॉम्बिनेशन सही नहीं माना जाता है। पुखराज गुरु का रत्न है शनि से इसका स्वभाव काफी अलग है। ऐसे में दोनों साथ पहनने से भाग्य पर सही असर नहीं डालते हैं।

10/10रत्न और ज्योतिष शास्त्र के अनुसार नीलम को हमेशा हीरे, पन्ना और गोमेद के साथ पहनना सही होता है। ये तीनों रत्न शुक्र, बुध और राहु से जुड़े हुए माने जाते हैं। डिस्क्लेमर- इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
