
सनातन धर्म में पूजा-पाठ का विशेष महत्व है। सप्ताह का प्रत्येक दिन अलग-अलग देवी-देवताओं को समर्पित है। मान्यता है कि शुभ मुहूर्त में किए गए पूजा-पाठ का विशेष फल प्राप्त होता है। पूजा के समय दीपक जलाना अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। दीपक की लौ को वेदों में अग्नि देव का स्वरूप मानी जाती है, जो मनुष्य और भगवान के बीच मध्यस्थता का काम करते हैं। हिंदू धर्म में पूजा के समय जलाया गया दीपक ज्ञान और सकारात्मकता का प्रतीक माना गया है। दीपक के साथ ही पूजा में लोग धूपबत्ती और अगरबत्ती भी लगाते हैं। कई बार आपने देखा होगा कि लोग पूजा के समय जलते हुए दीपक से ही धूपबत्ती या अगरबत्ती जला देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ज्योतिष शास्त्र में जलते हुए दीपक से अगरबत्ती या धूपबत्ती जलाना अशुभ माना जाता है। कहते हैं कि ऐसा करने से मनुष्य को नकारात्मक परिणामों का सामना करना पड़ सकता है। जानें जलते हुए दीपक से धूपबत्ती क्यों नहीं जलानी चाहिए।

2/6धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जलते हुए दीपक से धूपबत्ती या अगरबत्ती नहीं जलानी चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से घर में घोर दरिद्रता आती है और बरकत रुक जाती है। इससे पैसों का सदुपयोग नहीं होता है और खर्च बढ़ने लगते हैं और कर्ज की स्थिति बन सकती है।

3/6हिंदू धर्म में दीपक को देवता का स्वरूप माना जाता है। यह तेज का प्रतीक भी होता है। मान्यता है कि इससे अन्य वस्तु जलाने से उसका सकारात्मक प्रभाव कम होता है। वातावरण में नकारात्मक ऊर्जा का संचार हो सकता है।

4/6कथावाचक अनिरुद्धाचार्य के अनुसार, हिंदू धर्म में धूपबत्ती को शुद्ध माना गया है। इसलिए पूजा में धूपबत्ती जलानी चाहिए। जबकि अगरबत्ती को जलाना शुभ नहीं माना गया है क्योंकि अगरबत्ती में बांस होता है और हिंदू धर्म में बांस को जलाना अच्छा नहीं माना जाता है। विज्ञान में भी बांस को जलाने की मनाही है। कहते हैं कि बांस को जलाने से जो गैस निकलती है, वह वातावरण को नुकसान पहुंचाती है।

5/6मान्यता है कि पूजा में नियमित रूप से दीपक जलाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। वास्तु दोष दूर होता है और दरिद्रता खत्म होती है। पूजा में दीपक विशेष कामनाओं और भगवान की कृपा पाने के लिए देशी घी और तेल का जलाया जाता है। शनिदेव और भैरव बाबा की पूजा में तिल या सरसों के तेल का दीपक जलाना शुभ माना जाता है।

6/6इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
