1/9सुबह 4-6 बजे उठना वास्तु में शुभ है। देर से उठने से सूर्य की सकारात्मक ऊर्जा नहीं मिलती, आलस्य बढ़ता है और धन कार्य रुकते हैं। रोज ब्रह्म मुहूर्त में उठें, सूर्य को जल चढ़ाएं ताकि दिन ऊर्जावान हो और समृद्धि आए।

नल से पानी टपकना वास्तु दोष है, जो धन की बर्बादी का संकेत देता है। इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है। तुरंत नल ठीक करवाएं, टपकते पानी को पोछें और नींबू-नमक का पोछा लगाएं, ताकि धन स्थिर रहे।

टूटे टीवी, फ्रिज या घड़ी घर में रखने से राहु दोष बढ़ता है और कार्यों में रुकावट आती है। ये नकारात्मक ऊर्जा फैलाते हैं। खराब सामान तुरंत ठीक करवाएं या दान करें। साफ-सुथरा घर रखें।

घर में टूटे चप्पल-जूते रखने से शनि दोष बढ़ता है और यात्रा में कष्ट आता है। ये गरीबी का संकेत हैं। टूटे जूते तुरंत फेंकें या दान करें, नए जोड़ी में खरीदें ताकि जीवन में गति आए।

रोज पूजा ना करने से देवता नाराज होते हैं और घर में नकारात्मकता बढ़ती है। सुबह-शाम दीपक जलाएं, तुलसी पूजा करें। इससे सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और सभी कार्य सिद्ध होते हैं।

घर में धूल जमने से लक्ष्मी रुष्ट होती हैं और स्वास्थ्य समस्याएं आती हैं। रोज झाड़ू-पोछा लगाएं, शाम को पोछा जरूर करें। स्वच्छ घर में सुख-शांति और धन का वास होता है।

रातभर कपड़े बाहर छोड़ने से राहु-केतु की नकारात्मक ऊर्जा कपड़ों में समाती है। इससे नींद में बाधा और तनाव बढ़ता है। शाम ढलने से पहले कपड़े अंदर लाएं और धोकर सुखाएं।

गूंथा आटा रातभर स्टोर करने से अन्नपूर्णा नाराज होती हैं और भोजन में नकारात्मकता आती है। रोज ताजा आटा गूंथें। पुराना आटा पक्षियों को डालें ताकि अन्न का अपमान ना हो।

दरवाजे-खिड़कियों से आवाज आने से घर में कलह और मानसिक तनाव बढ़ता है। तुरंत कब्जे में तेल डालें। चरमराहट दूर करने से घर में शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। डिस्क्लेमर: यह खबर विभिन्न माध्यमों, धर्म ग्रंथों और विशेषज्ञों के सलाह पर आधारित है। किसी भी तरह की विशेष जानकारी के लिए धर्म विशेषज्ञ से उचित सलाह लें।
