पूजा की थाली इन 7 चीजों के बिना मानी जाती है अधूरी, एक-एक का है खास महत्व

पूजा की थाली में कौन-कौन सी चीजें रखनी चाहिए? इन चीजों के बिना कोई भी पूजा अधूरी ही मानी जाती है। जानिए पूजा थाली के 7 जरूरी सामान और उनका धार्मिक महत्व। 

Garima SinghMay 13, 2026 04:37 pm IST
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ऐसी होनी चाहिए पूजा की थाली

हिंदू धर्म में पूजा-पाठ का बहुत खास महत्व माना जाता है। किसी भी शुभ काम, व्रत या त्योहार पर पूजा की थाली हमेशा सजाई जाती है। मान्यता है कि पूजा की थाली में रखी हर चीज केवल परंपरा नहीं होती बल्कि उसका कुछ ना कुछ धार्मिक महत्व भी होता है। कहा जाता है कि सही तरीके से सजाई गई पूजा की थाली घर में सकारात्मक ऊर्जा और सुख-समृद्धि लेकर आती है। इसी वजह से पूजा के समय कुछ चीजों को हमेशा थाली में रखना जरूरी माना जाता है। आइए जानते हैं उन 7 जरूरी चीजों के बारे में और जानते हैं उसका मतलब।

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दीया

पूजा के दौरान दीए को जलाना सबसे शुभ माना जाता है। इसे अंधकार दूर करने और ज्ञान के प्रतीक के रूप में देखा जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार पूजा के समय घी या तेल का दीया जलाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है और इसी के साथ नकारात्मकता खत्म होती है।

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पूजा का कलश

पूजा की थाली में जल रखना बहुत जरूरी माना जाता है। जल को पवित्रता और जीवन के प्रतीक के रूप में देखा जाता है। पूजा के दौरान भगवान को भोग के साथ-साथ जल अर्पित किया जाता है और कई लोग इसे पवित्र मानकर घर में छिड़कते भी हैं।

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प्रसाद

पूजा के बाद प्रसाद बांटना शुभ माना जाता है। प्रसाद को भगवान का आशीर्वाद माना जाता है। मान्यता है कि प्रसाद ग्रहण करने से मन में सकारात्मकता और खुशी बनी रहती है। ऐसे में पूजा की थाली में हमेशा प्रसाद जरूर रखना चाहिए।

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फूल

भगवान को फूल चढ़ाना भक्ति दिखाने का तरीका माना जाता है। पूजा में ताजे और खुशबू वाले फूल चढ़ाना शुभ होता है। माना जाता है कि इससे घर और पूजा का माहौल शांत रहता है और इसे मन भी खुश रहता है।

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रोली या कुमकुम

रोली या कुमकुम से तिलक लगाया जाता है। इसे शुभ माना है और इसे सम्मान के प्रतीक में रूप में देखते हैं। पूजा में पहले भगवान को तिलक लगाया जाता है और फिर इसके बाद लोग इसे अपने माथे पर लगाते हैं। यह परंपरा बहुत पुराने समय से चली आ रही है।

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अक्षत

पूजा में अक्षत का खास महत्व होता है। कोशिश करनी चाहिए कि पूजा के दौरान टूटे हुए चावल ना रखें जाए। अक्षय पूरा होता है और इसे सुख-समृद्धि के रूप में देखा जाता बै। मान्यता है कि पूजा में इसे शामिल करने से शुभ फल मिलता है।

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कपूर

किसी भी पूजा के अंत में कपूर जलाने की परंपरा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार कपूर जलाने से वातावरण शुद्ध होता है और इसके धुएं से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। साथ ही इसकी खुशबू मन को भी शांत रखने में मदद करती है। डिस्क्लेमर- इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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