
घर में अचानक मानसिक तनाव बढ़ना, बार-बार लड़ाई-झगड़े होना और कामों का बिगड़ना बुरी नजर के संकेत माने जाते हैं। तुलसी का पौधा बिना वजह मुरझाने लगे, तो भी ध्यान देना चाहिए। बुरी नजर की नकारात्मक ऊर्जा शांति भंग कर देती है और छोटी-छोटी बातों पर मन उलझने लगता है। इन संकेतों को नजरअंदाज ना करें। समय रहते उपाय करने से असर कम हो जाता है और घर का वातावरण सुधरने लगता है।

2/8सेंधा नमक नकारात्मक ऊर्जा को सोखने वाला प्राकृतिक साधन माना जाता है। घर के हर कमरे के चारों कोनों में छोटी कटोरी में सेंधा नमक रख दें। कुछ दिनों बाद पुराना नमक नाली में बहाकर नया रखें। फर्श और कोनों में जमा नकारात्मकता को साफ करने के लिए नमक मिला पानी से पोछा लगाएं। रविवार या मंगलवार को यह पोछा जरूर लगाएं। यह उपाय नियमित करने से घर हल्का महसूस होने लगता है।

3/8नकारात्मक ऊर्जा अक्सर फर्श और कोनों में जमा हो जाती है। सेंधा नमक को पानी में घोलकर पूरे घर का पोछा लगाएं। खासकर कोनों पर ज्यादा ध्यान दें। रोज संभव ना हो, तो हफ्ते में दो दिन जरूर करें। पोछा लगाने के बाद पानी को तुरंत बाहर बहा दें। इससे फर्श साफ होने के साथ ऊर्जा भी शुद्ध होती है। घर में ताजगी का अनुभव होने लगता है और मन शांत रहता है।

4/8कपूर जलाना स्थान शुद्ध करने का प्रभावी तरीका माना जाता है। कपूर के धुएं से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। इसमें लौंग मिलाकर जलाने से सुरक्षा और बढ़ जाती है। शाम के समय लौंग और कपूर जलाएं और धुआं घर के हर कोने में फैला दें। इसकी महक ताजगी देती है और आध्यात्मिक ऊर्जा बढ़ाती है। नियमित रूप से करने पर बुरी नजर का प्रभाव काफी कम हो जाता है।

5/8लौंग और कपूर को एक साथ जलाकर धुआं निकालें। इसे घर के मुख्य द्वार, कमरों और कोनों में घुमाएं। खिड़कियां थोड़ी देर के लिए खोल दें, ताकि पुरानी हवा बाहर जाए। धुआं पूरी तरह फैलने दें। इस प्रक्रिया से घर का माहौल हल्का और शुद्ध महसूस होता है। इसे रोज की दिनचर्या में शामिल कर आप लाभ पा सकते हैं।

6/8मुख्य द्वार पर नींबू और हरी मिर्च लटकाना पारंपरिक और कारगर उपाय है। एक नींबू के साथ सात, ग्यारह या इक्कीस हरी मिर्च की माला बनाकर मुख्य द्वार पर लटकाएं। यह माला बुरी नजर को रोकने का काम करती है। पूरी तरह सूखने के बाद इसे हटाकर नई माला लगा दें। नियमित बदलने से घर सुरक्षित बना रहता है और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।

7/8ताजा नींबू और हरी मिर्च लें। धागे में पिरोकर माला बनाएं। मुख्य द्वार के बाहर ऐसे स्थान पर लटकाएं, जहां आसानी से दिखे। सूखने के बाद तुरंत बदलें। पुरानी माला को सही तरीके से विसर्जित करें। यह छोटा-सा उपाय घर के प्रवेश द्वार को सुरक्षा कवच की तरह मजबूत बनाता है। कई परिवार इसे नियमित रूप से अपनाते हैं।

8/8इन तीनों उपायों को नियमित अपनाने से घर में नकारात्मकता कम होती है। मन शांत रहता है और अनावश्यक झगड़े घटते हैं। कामकाज में रुकावटें कम होने लगती हैं। घर का माहौल हल्का और सुखद बनता है। वास्तु के ये आसान उपाय खुशहाली वापस लाने में मदद करते हैं। डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
