
इस साल आषाढ़ अमावस्या 14 जुलाई, मंगलवार को है। हिंदू धर्म में इस दिन स्नान, दान और पितरों का तर्पण किया जाता है। कई लोग अपने पूर्वजों के नाम पर जरूरतमंदों की मदद भी करते हैं। मान्यता है कि अच्छे मन से किया गया दान शुभ माना जाता है। आइए जानते हैं कि इस दिन किन चीजों का दान किया जा सकता है।

2/10अगर आप अमावस्या पर दान करना चाहते हैं तो अन्न से शुरुआत कर सकते हैं। चावल, आटा, गेहूं, दाल या दूसरी खाने की चीजें किसी गरीब परिवार को दें। अगर आसपास कोई जरूरतमंद है तो उसे राशन देना भी अच्छा माना जाता है।

3/10अमावस्या पर तिल का खास महत्व माना जाता है। पूजा और तर्पण में भी काले तिल का इस्तेमाल होता है। आप काले तिल किसी जरूरतमंद, मंदिर या योग्य ब्राह्मण को दे सकते हैं। यह दान अपनी श्रद्धा और क्षमता के हिसाब से करना चाहिए।

4/10दान में हमेशा साफ और पहनने लायक कपड़े ही दें। फटे या खराब कपड़े देने से बचें। अगर नए कपड़े देना संभव हो तो और भी अच्छा है। बरसात का समय है, इसलिए छाता या चप्पल जैसी चीजें भी दी जा सकती हैं।

5/10अगर दान में कुछ देना संभव नहीं है तो किसी भूखे को खाना खिला दें। कई लोग इस दिन गाय, कुत्ते और कौए को भी भोजन देते हैं। धार्मिक मान्यताओं में इसे भी अच्छा काम माना गया है।

6/10आषाढ़ अमावस्या पर काली उड़द, गुड़ और सरसों के तेल का दान भी किया जाता है। अगर आपकी इच्छा हो तो ये चीजें किसी गरीब या जरूरतमंद व्यक्ति को दे सकते हैं। कई लोग मंदिर में भी इनका दान करते हैं।

7/10दान उतना ही करें, जितना आसानी से कर सकें। सिर्फ दिखावे के लिए दान करने की जरूरत नहीं है। कोशिश करें कि आपकी मदद ऐसे व्यक्ति तक पहुंचे, जिसे उसकी सच में जरूरत हो। यही सबसे बड़ा दान माना जाता है।

8/10टूटा हुआ सामान, खराब खाना या ऐसे कपड़े जो पहनने लायक न हों, उनका दान न करें। दान हमेशा ऐसी चीज का करें, जिससे सामने वाले का काम बने। अच्छी चीज देने से ही दान का सही मतलब पूरा होता है।

9/10अगर आप तर्पण नहीं कर पा रहे हैं तो भी अपने पितरों के नाम पर किसी जरूरतमंद की मदद कर सकते हैं। किसी को खाना खिलाना, राशन देना या कपड़े देना भी अच्छा काम माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि ऐसे काम से पितरों का आशीर्वाद मिलता है।

10/10आषाढ़ अमावस्या पर दान का मतलब सिर्फ चीजें देना नहीं है। किसी की मदद करना, भूखे को खाना खिलाना और अच्छे मन से काम करना भी उतना ही जरूरी है। इसलिए अपनी क्षमता के हिसाब से दान करें और बिना किसी लालच के जरूरतमंद की मदद करें।
