आओ राजनीति करें : पीलीभीत की बेटियां बोलीं- सुरक्षा के इंतजाम, पर मनचले अब भी करें परेशान

पीलीभीत : बेटियां पढ़ना चाहती हैं, पढ़ लिखकर आगे बढ़ना चाहती हैं,परिजन भी उन्हें पढ़ना चाहते हैं, उनका भविष्य संवारना चाहती हैं, पर परिजनों के मन में एक अंजान सा डर रहता...

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पीलीभीत : बेटियां पढ़ना चाहती हैं, पढ़ लिखकर आगे बढ़ना चाहती हैं,परिजन भी उन्हें पढ़ना चाहते हैं, उनका भविष्य संवारना चाहती हैं, पर परिजनों के मन में एक अंजान सा डर रहता है। हिन्दुस्तान के आओ राजनीति करें अभियान में शामिल हुई रामलुभाई साहनी महिला डिग्री कालेज की छात्राओं ने बेटियों की शिक्षा और सुरक्षा पर खुलकर अपने विचार व्यक्त किए।

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आकांक्षा शर्मा : बेटियों की सुरक्षा के लिए भले ही कितने ही इंतजाम किए हों पर उन्हें आज भी कहीं न कहीं छेड़खानी का शिकार होना पड़ ही जाता है। इससे बेटियों के सम्मान को ठेस पहुंचती है। इससे निपटने के लिए बेटियों को भी निडर होना होगा और इस तरह की घटना करने वालों के खिलाफ सरकार को सख्त कार्रवाई करनी होगी।

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शिल्पी गंगवार : बेटियों की परेशानी घर से निकलते ही शुरू हो जाती है। स्कूल-कालेज आते-जाते वक्त रास्ते में मनचले आज भी मुसीबत बनते हैं। उनकी इस तरह की हरकत से मानसिक तनाव भी होता है।

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सपना यादव : बेटियों की शिक्षा और सुरक्षा के लिए बेहतर सुविधा होनी चाहिए। उन्हें स्कूल आने-जाने में कोई परेशानी न हो, इसकी की व्यवस्था सरकार को देखनी चाहिए। बेटियों के स्कूल आने-जाने के लिए सुरक्षित माहौल होगा तो सभी बेटियां स्कूल जाएंगी।

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शिवानी वर्मा : बेटियों को लेकर सभी को संवेदनशील होना होगा। उनकी शिक्षा और सुरक्षा को लेकर भी सभी को जागरूक होने की जरूरत है। इससे सभी बेटियां पढ़ सकेंगी और वह अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होंगी। इससे वह चुनाव में अपना वोट भी अपने विवेक से दे सकेंगी।

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कोमल मिश्रा : बेटियों की शिक्षा से पहले उनकी सुरक्षा सुनिश्चित होनी चाहिए। इससे वह बेखौफ होकर पढ़ने जा सकेगी और परिजन भी निश्चिंत होकर उन्हें पढ़ने भेज सकेंगे।

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