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आओ राजनीति करें : बेटियां बोलीं, सुरक्षा संग चाहिए आर्थिक आजादी

हिन्दुस्तान टीम, बदायूं
बदायूं में आओ राजनीति करें अभियान के तहत हिन्दुस्तान इन कैंपस का आयोजन जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान परिसर में किया गया। इस दौरान बेटियों ने बेबाकी से अपनी राय रखी और कहा कि सुरक्षा तो एक अहम मुद्दा है ही, साथ ही समाज में हमें आर्थिक आजादी भी चाहिए।
रुचि सागर : शोहदों और अपराधियों से लड़ने के लिए अपने पड़ोसी देशों की तरह ही शिक्षा में मार्शल आर्ट को अनिवार्य कर देना चाहिए। इसके लिए महिलाओं को मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग शोहदों और अपराधियों से लड़ने के लिए मिले। ऐसे में समाज में महिला अपराधों में कमी आएगी।
प्रियंका वाष्र्णेय : देश में आज भी राजनीति में महिलाओं को वह स्थान प्राप्त नहीं हुआ है, जो होना चाहिए। राजनीति में महिलाओं के 33 प्रतिशत आरक्षण के बिल को पास करना चाहिए। इससे राजनीति में महिलाओं की प्रतिभागिता बढ़े और समाज में महिलाओं के हित के कार्यों में तेजी आए।
निधि तिवारी : महिला अपराधों को खत्म करने के लिए देश में बेहतर कानून के बनने की जरूरत है। इसके लिए जो भी सरकार बने वह महिलाओं के हित के लिए इस ओर काम करें। कानून बनने से महिलाएं समाज में निकलते समय डर नहीं, बल्कि अपने को सुरक्षित महसूस करेंगी।
शिवांगी सैनी : समाज में महिलाएं जब घर से निकलती हैं। उन्हें घूरती निगाहों और फब्तियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में शौहदों पर पूरी तरह अंकुश लगना चाहिए। बहुत से कार्यों को महिलाएं इन शोहदों के कारण ही नहीं कर पाती हैं। इनके लिए कठोर कानून का निर्माण करना होगा।
राशि गर्ग : समाज में महिलाओं को उनका हक मिलना चाहिए। राजनीति हो या नौकरी सभी में पुरुष प्रधानता है। महिलाओं को उनका हक नहीं मिलता। समाज में पुरुष महिलाओं को आज भी स्वयं से कम ही आकते हैं। ऐसे में महिलाएं वह नहीं कर दिखा पातीं, जो करने में वे सक्षम होती हैं।
अदा रियाज : आज तेजी से समाज में बदलाव आ रहा है। ऐसे में शोहदों और अपराधियों से निपटने के लिए मलिाओं को आत्मरक्षा के गुर आने चाहिए। इसके लिए भी सरकार को योजनाओं की घोषणाएं करनी होंगी। इससे महिलाओं का इनका सीधा लाभ मिल सके।
तरुण माहेश्वरी : देश में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार बेहद जरूरत है। समाज में महिलाओं की मृत्यु होने की सबसे बड़ा कारण स्वास्थ्य सेवाओं का बेहतर न होना है। देश के कई हिस्सों में आज भी स्वास्थ्य सेवाओं का अभाव है। इसके चलते एक गर्भवती महिला को इलाज नहीं मिल पाता।
इरम : समाज में अपने हक के लिए महिलाओं को स्वयं ही लड़ाई लड़नी होगी।महिलाओं को शिक्षित होने के साथ ही समाज में घट रही घटनाओं से सीख लेकर उनसे सामना करने की क्षमता को अपने अंदर पैदा करना होगा। तब जाकर के महिलाओं को समाज में उनका हक मिल सकता है।
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  • Web Title:Aao Rajneeti Karen daughters said security should be