DA Image

अगली स्टोरी

#तीज 2018

अखंड सौभाग्य का व्रत हरितालिका तीज भाद्रपद (भादो) शुक्ल पक्ष तृतीया बुधवार 12 सितम्बर को है। शक्ति ज्योतिष केन्द्र के पण्डित शक्तिधर त्रिपाठी के अनुसार शिव-पार्वती के पुनर्मिलन की तिथि भाद्रपद शुक्ल तृतीया का व्रत दाम्पत्य जीवन के दुखों को दूर करके परम सुख देने वाला है। जिनका दाम्पत्य जीवन किन्हीं कारणों से कष्ट में है वे विधि पूर्वक व्रत रख कर शाम प्रदोष वेला में अपने पति के साथ भगवान शिव के मन्दिर में जाकर पूजन करें। श्रीशिव-पार्वती के पूजन का शुभ मुहूर्त शाम 5:00 से 6:50 बजे के मध्य है। इस बार इसी दिन कलंक चतुर्थी भी है। इसलिए 12 सितंबर को निर्धारित समय रात 08:18 तक चंद्र दर्शन से बचें। इस पेज पर पढ़ें हरितालिका तीज महत्व, हरितालिका तीज पूजा विधि, हरितालिका तीज कथा और हरितालिका तीज उत्सव आदि से जुड़ी खबरें-  

अन्य खबरें

पप्पू की मूर्खता

ट्रेन में चेतावनी लिखी थी...
बिना टिकट सफर करने वाले यात्री होशियार...

पप्पू- अच्छा, मतलब जिसने टिकट ली है वो मूर्ख है...