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मिस्र में गृहयुद्ध जैसे हालात, यूएन ने कहा संयम जरूरी

मिस्र में गृहयुद्ध की स्थिति बनती जा रही है। हालिया संघर्ष में 600 से अधिक लोगों के मारे जाने और राष्ट्रीय कर्फ्यू लागू होने के बावजूद पूर्व राष्ट्रपति मुर्सी की पार्टी मुस्लिम ब्रदरहुड के सैंकड़ों...

मिस्र में गृहयुद्ध जैसे हालात, यूएन ने कहा संयम जरूरी
एजेंसीFri, 16 Aug 2013 05:10 PM
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मिस्र में गृहयुद्ध की स्थिति बनती जा रही है। हालिया संघर्ष में 600 से अधिक लोगों के मारे जाने और राष्ट्रीय कर्फ्यू लागू होने के बावजूद पूर्व राष्ट्रपति मुर्सी की पार्टी मुस्लिम ब्रदरहुड के सैंकड़ों समर्थन आज सड़कों पर उतर आए। इससे सुरक्षा बलों के समक्ष एक बार फिर बेहद खराब स्थिति उपस्थित हो गई है।

अमेरिका को अंदेशा है कि मिस्र कुल मिलाकर सीरिया की राह पर चल चुका है और हालात को अगर काबू में नहीं किया गया तो स्थिति काफी खराब हो सकती है।

अमेरिका जो मिस्र को वित्तीय सहायता देने वाला सबसे बड़ा देश रहा है, ने आगे कहा कि देश में अगर गृहयुद्ध की स्थिति उपस्थित होती है, बड़ी संख्या में निरपराध लोग इसके शिकार हो सकते हैं।

एक कदम आगे बढ़ते हुए मुर्सी समर्थकों पर सेना की हिंसक कार्रवाई के बाद मुस्लिम ब्रदरहुड ने सैन्‍य सरकार से दो-दो हाथ करने का ऐलान किया है। मुस्लिम ब्रदरहुड ने देशव्‍यापी मार्च का ऐलान किया है, जिसमें लाखों लोगों के शामिल होने की उम्‍मीद है। 'मिलियन्‍स मार्च ऑफ एंगर' नामक इस मार्च की शुरुआत शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद होगी।

वहीं, सेना ने चेतावनी दी है कि सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों पर और गोलियां बरसाई जाएंगी। काहिरा सहित देश के तमाम बड़े शहरों के मुख्‍य मार्ग बंद कर दिए गए हैं और इन जगहों पर बड़ी संख्या में सेना तैनात है।
 
उधर, मिस्र के अपदस्थ राष्ट्रपति मुहम्मद मुर्सी की हिरासत अवधि बढ़ाकर 30 दिन कर दी गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने मिस्र में फैली अराजकता के बाद प्रस्तावित संयुक्त सैन्य अभ्यास को रद्द करने का फैसला लिया है। ब्रिटेन ने मिस्र में फंसे अपने देश के 40 हजार सैलानियों को हिदायत दी है कि वो अपने-अपने होटलों से बाहर न निकलें। इनमें अधिकतर ब्रिटिश सैलानी मशहूर बीच वाले शहरों जैसे शर्म अल शेख में फंसे हैं। वहीं, जर्मनी ने मिस्र को लेकर अपने नागरिकों के लिए 'ट्रेवल अलर्ट' जारी किया है।

उधर, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने गुरुवार को मिस्र के सभी पक्षों से अधिकतम संयम बरतने का आह्वान और हिंसा बंद करने की अपील की है। अपदस्थ राष्ट्रपति मोहम्मद मुर्सी की बहाली की मांग करने वालों और सेना के बीच संघर्ष में 500 से अधिक लोगों की मौत हुई है।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार अगस्त माह के लिए सुरक्षा परिषद की अध्यक्ष अर्जेंटीना की स्थायी प्रतिनिधि मारिया क्रिस्टीना पर्सीवेल ने कहा, ''परिषद के सदस्यों का विचार है कि मिस्र में हिंसा का अंत होना जरूरी है।  सभी पक्षों को अधिकतम संयम बरतना होगा।''

मिस्र की स्थिति पर परिषद की एक बंद दरवाजे के भीतर हुई बैठक के बाद पर्सीवेल ने यह टिप्पणी की।

फ्रांस, ब्रिटेन और आस्ट्रेलिया के संयुक्त आग्रह के बाद यह बैठक बुलाई गई थी।

मध्य पूर्व की यात्रा पर गए संयुक्त राष्ट्र महासचिव जनरल बान की मून ने हिंसा की निंदा करते हुए सभी पार्टियों से मिस्र की स्थिति के अनुरूप अपने कार्य को निर्धारित करने का आग्रह किया है। जिससे देश और अधिक विनाश से बच सके।

उल्लेखनीय है कि मिस्र की सेनाओं ने बुधवार को राजधानी काहिरा में मुर्सी समर्थकों के धरने को खत्म करने के लिए धावा बोला। इन संघर्षों में कम से कम 525 लोगों की मौत हुई और 3,717 लोग घायल हुए।

कार्रवाई करने से पहले मिस्र की अंतरिम सरकार ने पूरे देश में एक माह के लिए आपातकाल लागू कर दिया। इसके साथ ही काहिरा और अन्य 10 प्रांतों में कर्फ्यू लागू कर दिया गया।

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