फोटो गैलरी

अगला लेख

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

Hindi Newsमंडेला से 2007 में मिलकर भावुक हो गयी थीं सोनिया

मंडेला से 2007 में मिलकर भावुक हो गयी थीं सोनिया

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी 2007 में दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला से शिष्टाचार मुलाकात के दौरान उस समय कुछ भावुक हो गयी थीं, जब उन्होंने सुना कि किस प्रकार अफ्रीकी नेशनल...

मंडेला से 2007 में मिलकर भावुक हो गयी थीं सोनिया
एजेंसीFri, 06 Dec 2013 05:36 PM
ऐप पर पढ़ें

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी 2007 में दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला से शिष्टाचार मुलाकात के दौरान उस समय कुछ भावुक हो गयी थीं, जब उन्होंने सुना कि किस प्रकार अफ्रीकी नेशनल कांग्रेस उनकी सास इंदिरा गांधी और उनके पति राजीव गांधी की ऋणी है।

रंगभेद विरोधी वरिष्ठ कार्यकर्ता अहमद कथरादा ने उस समय सोनिया गांधी का परिचय अतिथियों और बड़ी संख्या में मौजूद मीडियाकर्मियों से कराते हुए हुआ था कि इंदिरा गांधी और राजीव गांधी तथा भारत ने एक देश के रूप में रंगभेद मुद्दे पर सरकार के खिलाफ आंदोलन में अहम भूमिका निभायी थी। अहमद 26 साल तक दक्षिण अफ्रीकी जेलों में मंडेला के साथ बंद रहे और उनके करीबी सहयोगियों में से एक रहे।

अहमद ने कहा था कि इंदिरा गांधी ने अपने पूरे जीवन में अफ्रीकी नेशनल कांग्रेस को नस्लभेद विरोधी आंदोलन में पूरा समर्थन दिया। दिल्ली में एएनसी कार्यालय स्थापित किए जाने में भी उनकी अहम भूमिका थी और भारत पहला देश था, जिसने एएनसी को राजनयिक दर्जा दिया था।

उन्होंने कहा कि इस और अन्य वजहों से हम श्रीमती सोनिया गांधी का भारतीय नेशनल कांग्रेस की अध्यक्ष के रूप में स्वागत करते हुए प्रसन्न हैं।

भावुक सोनिया ने कहा था कि यह उनके लिए भावनात्मक क्षण है, क्योंकि मंडेला के कार्यालय में मुझे मेरे पति की भूमिका के बारे में बताया गया जो उन्होंने उस कार्यालय के निर्माण और समर्थन के लिए अदा की थी। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी द्वारा शुरू सत्याग्रह आंदोलन के 100 साल पूरा होने में समारोह आयोजित करने में मदद के लिए दक्षिण अफ्रीका में मौजूद होना उन्हें उतनी ही खुशी दे रहा है।

गांधी ने कहा था कि न सिर्फ मंडेला बल्कि दक्षिण अफ्रीका के इतने सारे स्वतंत्रता सेनानियों की मौजूदगी मेरे लिए सम्मान की बात है और उनके लिए यह भावनात्मक क्षण है। उन्होंने कहा कि भारत ने शुरू से ही नेशनल इंडियन काग्रेस के साथ नेहरू से इंदिरा गांधी से राजीव गांधी तक आंदोलन का समर्थन किया और यह समर्थन हमेशा जारी रहेगा।