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यहूदी नरसंहार संबंधी ऐतिहासिक दस्तावेज हुए ऑनलाइन

यहूदी नरसंहार के पीड़ितों और नाजियों के अत्याचारों के बावजूद जिंदा बचे लोगों की जिंदगी से जुड़े और ऐतिहासिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण दस्तावेजों के दुर्लभ खजाने को आधुनिक तकनीक की सहायता से पहली बार ऑनलाइन उपलब्ध कराया गया है।

इसमें नोबेल शांति पुरस्कार विजेता ऐली वाइजेल और पूर्व इस्राइली प्रधानमंत्री मेनशेम बेजिन संबंधी दस्तावेज भी शामिल हैं। लेकिन इसमें बेनजियोन बौमरिंद जैसे साधारण नागरिकों संबंधी दस्तावेज भी सम्मिलित हैं, जिनके नाम को यदि उस समय मानवीय सहायता कार्य में लगी एक एजेंसी ने यदि संभाल कर नहीं रखा होता तो उसके वंशज उसे कब का भूल गए होते।

एक वंशावली विशेषज्ञ ने पता लगाया है कि यहूदियों के नरसंहार वाले दिन करीब 60 लाख यहूदियों के साथ मारी गई बौमरिंद अपने परिवार के साथ थी। अमेरिकी यहूदी संयुक्त वितरण समिति (जेडीसी) द्वारा रखे गए ऐतिहासिक दस्तावेज और तस्वीरों में बौमरिंद संबंधी एक दस्तावेज है।

करीब पांच लाख से अधिक नाम, एक हजार से अधिक तस्वीरों वाले दस्तावेजों का संग्रह दूसरे विश्व युद्ध राहत संगठन के गहन प्रयासों का नतीजा है, जिसने द्वितीय विश्व युद्ध के बाद चीन, जापान, डोमिनिकन रिपब्लिका और बोलीविया सहित 24 देशों में गहन प्रयासों से ये दस्तावेज तैयार किए हैं।

इन दस्तावेजों को पहली बार, सोमवार को ऑनलाइन किया गया। इन दस्तावेजों से संकट के दौरान जेडीसी की सहायता पाने वाले, जीवित बचे लोगों के जीवन की झलक मिलती है। संग्रह के बारे में मिशीगन स्टेट यूनिवर्सिटी के यहूदी अध्ययन विभाग के निदेशक केनेथ वाल्टर ने बताया कि हम इस संग्रह के जरिए युद्ध के बाद हर दिन के सामाजिक जीवन की व्यापक तस्वीर देख सकते हैं।

इस ऑनलाइन को इस्तेमाल करने वाले लोग चित्रों में अपने परिजनों को पहचानने के बाद उनके नाम साइट को भेज सकते हैं, जिन्हें बाद में चित्रों के कैप्शन में डाल दिया जाएगा।

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