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दीक्षा के पड़ाव पर गर्व से दमकते रहे चेहरे

दीक्षा के पड़ाव पर गर्व से दमकते रहे चेहरे

आईआईटी बीएचयू के पांचवें दीक्षांत में सोमवार को मेधावियों को स्वर्ण पदक दिये गये। सोने की चमक के बीच दीक्षा के इस अहम पड़ाव पर इनके चेहरे गर्व से चमक रहे थे। इसके पहले संस्थान के निदेशक प्रो. राजीव संगल ने भारतीय वेद व्यवस्था के आधार पर छात्र-छात्राओं को जीवन में सदाचार की शपथ दिलाई।

स्वतंत्रता भवन में मेडल और उपाधिधारक छात्र-छात्राओं की आमदरफ्त सुबह 11 बजे से शुरू हो गयी थी। 11.50 बजे ड्रम की थाप के साथ शैक्षणिक यात्रा शुरू हुई और एक के बाद एक सभी आचार्य अपने स्थान ग्रहण करने लगे। आईआईटी के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष प्रो. गिरीशचंद्र त्रिपाठी ने दीक्षांत समारोह शुरू होने की घोषणा की। इसके बाद निदेशक ने वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। सीनेट के चेयरमैन के नाते निदेशक प्रो. संगल ने छात्र-छात्रोओं को डिग्री व मेडल देने की घोषणा की। रजिस्ट्रार डॉ. एसके माथुर ने बारी-बारी से पदकधारियों को अतिथियों के समक्ष प्रस्तुत किया। वर्ष 2016 के लिए पीएचडी, एमटेक/एमफार्म, बीटेक व बीफार्म की डिग्रियां प्रदान की गयीं।

प्रो. त्रिपाठी ने कहा कि तकनीकी पर्यावरण और समाज के प्रति संवेदनशील होनी चाहिए। आज यहां से जो युवा डिग्री और मेडल हासिल करके जा रहे हैं, वे दुनिया में इस संस्थान की उपलब्धियों के गवाह बनेंगे। उन्हें यह याद रखना होगा कि जो उन्होंने संस्थान से हासिल किया है, उसका कुछ अंश संस्थान को जरूर लौटाएं। साथ ही समाज की बेहतरी के लिए भी काम करें। समारोह में प्रो. जीवीएस शास्त्री, बीएचयू के रजिस्ट्रार डॉ. केपी उपाध्याय, वित्त अधिकारी डॉ. एमआर पाठक समेत अन्य विशिष्ट लोग मौजूद थे। संचालन प्रो. एसके शर्मा ने किया।

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