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1 अप्रैल, 2020|1:19|IST

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वृन्दावन में विधवाओं ने कान्हा संग खेली फूलों की होली

वृन्दावन में विधवाओं ने कान्हा संग खेली फूलों की होली

जिंदगी यूं तो बेरंग हो चुकी है। मगर इस बेरंग जिंदगी में होली का रंग भरने का उत्सव रविवार को हुआ। यह उत्सव वृन्दावन और बनारस की विधवाओं और वृद्ध महिलाओं के लिए था। सुलभ इंटरनेशनल द्वारा गोपीनाथ मंदिर में हुए कार्यक्रम में विधवाओं ने गुलाल व सुगंधित फूलों से होली खेल अपने जीवन में रंग भरा। इस दौरान भगवान राधाकृष्ण की लीलाओं पर आधारित भजनों ने इस उत्साह को और भी बढ़ा दिया।

सामाजिक संस्था सुलभ इंटरनेशनल के इस कार्यक्रम में वृन्दावन के साथ ही बनारस सैकड़ों विधवाएं और वृद्ध महिलाएं थीं। सभी ने एक-दूसरे को जमकर गुलाल लगाया और पुष्पों की बौछार की। यह पहला मौका था जब नगर के प्राचीन सप्तदेवालयों में से एक ठा. राधागोपीनाथ मंदिर में प्रभु के सानिध्य में होली खेली गई। इस दौरान पंडित एवं संस्कृत के छात्रों ने मंत्रोच्चारण किए।

सुलभ के संस्थापक डॉ. विंदेश्वर पाठक ने कहा कि वृन्दावन में यह पहला मौका है, जब विधवाओं की होली में विद्यार्थियों और पंडितों ने भागीदारी की है। इनके मुताबिक वृन्दावन में रह रही विधवाओं की जिंदगी में पंडितों की यह भागीदारी उनकी उपेक्षित जिदंगी में नई ज्योति लेकर आई है। इसका दूरगामी असर पड़ेगा।  

12 कुंटल गुलाल और 15 कुंटल फूलों से हुई होली
वृन्दावन के प्राचीन राधा गोपीनाथ मंदिर में मनाए गए होली उत्सव में विधवाओ के लिए कई रंगों के करीब 1200 किग्रा गुलाल और करीब 15 कुंटल गेंदे के फूलों की पंखुड़ियों का इंतजाम किया गया था। जिनके माध्यम से विधवाओं ने जमकर होली खेली और सदियों पुरानी कुरीतियों के खिलाफ नई परंपरा शुरू करने का प्रयास किया।

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  • Web Title:widows played holly flower with krishna in vrindavan