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4 जून, 2020|6:57|IST

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मधेशियों ने ठप कर दी नेपाल की लाइफलाइन

मधेशियों ने ठप कर दी नेपाल की लाइफलाइन

‘एक प्रदेश-एक मधेश’ की मांग को लेकर तेज हुए मधेशी-थरुहट आन्दोलन से नेपाल के पहाड़ी इलाके में हाहाकार मच गया है। मधेशियों ने बेमियादी बंद और बेलहिया भंसार पर ही भारत से जाने वाले मालवाहक वाहनों को रोक कर पूरे नेपाल की ही लाइफलाइन ठप कर दी है। इससे बुटवल, काठमांडू, पोखरा सहित सुदूर पहाड़ी इलाकों में खाद्य सामग्री, तेल, साबुन, कपड़े से लेकर दवाइयों तक की किल्लत हो गई है। हालांकि मंगलवार रात 20 मालवाहक ट्रकों को पुलिस ने सुरक्षा में लेकर काठमांडू के लिए रवाना किया, लेकिन मधेशी नेताओं के चेतावनी के बाद से इस पर भी बुधवार से रोक लग गई।

भारत से नेपाल में सब्जी, फल, चीनी, तेल, नमक, कपड़ा सहित सभी जरूरी घरेलू वस्तुओं का निर्यात होता है। साथ ही औद्योगिक उत्पादन के लिए कच्चा लोहा, क्लिंकर राख, पेट्रोलियम पदार्थ, मार्बल और कोयला भी भेजा जाता है। लेकिन मधेशी और थरुहट आन्दोलन के कारण करीब 15 दिन से पूरा नेपाल अशांत है। वहां अनिश्चतकालीन बंदी चल रही है। खासकर एक सप्ताह से मधेश बहुल 22 जिलों में आन्दोलन उग्र हो गया है। इससे भारत से बेलहिया भंसार होते हुए नेपाल जाने वाले सभी माल वाहक वाहन सोनौली सीमा पर ही खड़े हैं। बीच में कुछ ट्रकों को रात में सुरक्षा के बीच रवाना किया जा रहा था, लेकिन बेलहिया में पहाड़ी और मधेशी आन्दोलनकारियों में हिंसक झड़प के बाद भारतीय मालवाहक वाहनों को आगे नहीं बढ़ाया गया।
नेपाल बंदी के कारण अभी सोनौली से धौरहरा, धैरहरा से कोतवाली, कुनसेरवा, संपतिहा, एकसड़वा और कोल्हुई होते हुए करीब 16 किमी लंबा ट्रकों का जाम लगा है। इन सभी में चावल, आटा, आलू, सूजी, चीनी और सब्जियां लदी हैं।

नेपाल में 400 पर पहुंचा प्याज, आलू बिक रहा 50 रुपए

मधेश आंदोलन के साथ ही नेपाल अब महंगाई की आग में झुलसने लगा है। बंद के कारण आयात नहीं हो पाने से बाजार संकट इस कदर गहरा गया है कि भैरहवा में प्याज 400 और टमाटर 300 रुपए प्रति किलो बिक रहा है। आलू के दाम में भी उछाल आया है। नेपाल के खुले बाजार में आलू 15 की जगह 50 से 60 रुपए के बीच बिक रहा है।
खाद्य पदार्थ, पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस, प्याज, दवाइयां सहित दैनिक रोजमर्रा की वस्तुओं को लेकर वाहन सोनौली में सप्ताह भर से इंतजार कर रहे हैं। आंदोलन के बीच वह पुलिस कस्टडी में भी नेपाल में जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। इसका असर है कि पखवारे भीतर नेपाल में दैनिक रोजमर्रा के सामानों का दाम आसमान छू रहा है। नवलरासी, भैरहवा, पोखरा, सोनवल आदि कस्बों में जिस दुकानदार के पास बचा-खुचा सामान है, उसे वह मनमाने दर से बेच रहा है।

नवलपरासी के हरि प्रकाश शर्मा का कहना है कि वाहनों के आवागमन ठप होने से खाद्य पदार्थों की आपूर्ति नहीं हो रही है। इससे महंगाई तेजी से बढ़ रही है। नवलपरसी के लक्ष्मी चौधरी, कुसुम्हा के राम प्रसाद पटेल, बर्दपुर के विष्णु आर्यन, राम बहादुर गुप्त का कहना है कि आयात नहीं होने से सब्जी से लेकर दवाई सब महंगाई की जद में है। आंदोलन अगर शीघ्र नहीं थमा तो स्थिति विस्फोटक हो जाएगी।

पहाड़ में सबसे ज्यादा किल्लत
नेपाल में ज्यातर सामानों की आपूर्ति भारत के रास्ते ही होती है। मधेश आंदोलन की धमक भी सबसे अधिक भारत से जुड़े नेपाली क्षेत्रों में ही है। ऐसे में बार्डर पर ही वाहनों के खड़ा होने से नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों में हाहाकार मचनी शुरू हो गयी है। भारत से जुड़े नेपाली क्षेत्र के लोग पांच से दस किमी साइकिल से सफर तय कर भारतीय बाजारों में पहुंच कर सामानों की खरीदारी कर ले रहे हैं, लेकिन नवलपरासी और भैरहवा से आगे पहाड़ों में दैनिक रोजमर्रा के सामान नहीं पहुंच पाने से दिनचर्या पटरी से अब उतरने लगी है।

नेपाल में बाजार भाव
सामान 10 अगस्त 25 अगस्त
आलू 25  80
टमाटर  100 300
प्याज 120 400
भिंडी 30 60
(भाव रुपए में प्रति किलो है)

 

 

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