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बिहार में रहने वाले दलितों, अति पिछड़े व मुस्लिमों की स्थिति दयनीय

बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने कहा है कि बिहार में रहने वाले दलितों, अति पिछड़ व मुस्लिम वर्ग की स्थिति दयनीय है। उनके सशक्तीकरण के लिए विरोधी पार्टियों की सरकारों ने कुछ नहीं किया है। वहीं, उन्होंने आने वाले बिहार विधानसभा चुनावों में बसपा आंदोलन से जुड़े लोगों को खास तवज्जो देने के निर्देश दिए।

मायावती मंगलवार को बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों का जायजा ले रही थीं। वहां के पार्टी प्रभारियों व प्रमुख पदाधिकारियों के साथ बैठक कर उन्होंने आगे की तैयारियों के संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

मायावती ने प्रभारियों के साथ बिहार की ताजा राजनीतिक स्थिति के साथ-साथ बिहार में भाजपा की चुनावी रणनीति व नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली जनता दल(यू) सरकार पर विस्तार से विचार-विमर्श किया। इसके अलावा भविष्य की चुनावी संभावनाओं के बारे में बातचीत की।

उन्होंने कहा कि बिहार में दलितों, अति पिछड़े व धार्मिक अल्पसंख्यक वर्ग में से मुस्लिम समाज के लोग अगर एकजुट होकर बसपा आंदोलन से जुड़ते हैं, उनकी राजनीतिक, सामाजिक व आर्थिक स्थिति भी सुधर सकती है। यूपी में इन्हीं वर्गो के लोग बसपा के जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के कारण इससे उबर चुके हैं।

उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनावों के लिए प्रत्याशियों के चयन में बसपा आंदोलन से जुड़े मिशनरी लोगों का खास ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने बताया कि बिहार में बसपा की जड़े हैं और यहां से बसपा के विधायक भी बनते रहे हैं।

आगे भी पार्टी को कैडर के आधार पर तैयार करने का प्रयास लगातार जारी रखना है। उन्होंने कहा कि बसपा एक राजनीतिक पार्टी होने के साथ सामाजिक आंदोलन भी है। इसलिए पार्टी का आधार मजबूत होने के साथ आंदोलन को गति देने के लिए विधानसभा चुनाव भी लड़ने हैं।

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