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लोहिया अति निर्धन चिकित्सा योजना का पंजीकरण

डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में उन मरीजों को भी मुफ्त इलाज मिलेगा, जिनके पास गरीब होने का कोई प्रमाण-पत्र नहीं है। मसलन बीपीएल कार्ड व अन्य दस्तावेज। इसके लिए संस्थान में ‘लोहिया अति निर्धन चिकित्सा योजना’ शुरू होगी।

योजना के तहत गरीब मरीजों को 30 हजार रुपए तक का मुफ्त इलाज मिलेगा। यह योजना पीजीआई की कामधेनु योजना की तरह काम करेगी। योजना का संचालन एक सोसाइटी के तहत होगा। सोसाइटी का पंजीकरण हो गया है।
अभी तक लोहिया संस्थान में बीपीएल कार्ड धारकों को ही मुफ्त इलाज मिल रहा था।

इलाज कराने में अक्षम मरीजों को लौटाया जा रहा था। गंभीर बीमारी से पीड़ित गरीब मरीजों को बेहतर इलाज मुहैया कराने के लिए संस्थान में ‘लोहिया अतिनिर्धन चिकित्सा योजना’ शुरू करने पर सहमति बन गई है। संस्थान की निदेशक डॉ. नुजहत हुसैन ने बताया कि करीब एक करोड़ रुपए का बजट जमा किया जाएगा।

इसके ब्याज से होने वाली आमदनी से गरीब मरीजों को इलाज मुहैया कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि बीते वर्ष संस्थान की आय करीब आठ करोड़ रुपए हुई है। लिहाजा ‘लोहिया अति निर्धन चिकित्सा योजना’ के लिए एक करोड़ रुपए का बजट उसी से निकाला जाएगा। धीरे-धीरे इस रकम में बढ़ोतरी की जाएगी। इस योजना का फायदा अगले हफ्ते से मरीजों को मिलना शुरू हो जाएगा।

निगरानी कमेटी गठित

डॉ. नुजहत हुसैन ने बताया कि योजना की निगरानी के लिए कमेटी का गठन कर दिया गया है। निदेशक कमेटी का प्रमुख होगा। इसके लिए नेफ्रोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. शिवेन्द्र सिंह को कोषाध्यक्ष बनाया गया है। न्यूरोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. ए.के. ठक्कर कमेटी के सदस्य सचिव होंगे। चिकित्सा अधीक्षक भी कमेटी में हैं। साथ ही संस्थान के अलावा दो बाहरी सदस्य भी कमेटी में हैं। इसमें समाजसेवी डॉ. संदीप पांडेय व डॉ. बुलबुल गोदियाल शामिल हैं।

आप भी कर सकते हैं मदद

संस्थान में भर्ती मरीज की कोई बाहरी व्यक्ति आर्थिक रूप से मदद कर सकता है। अधिक जानकारी के लिए संस्थान की निदेशक व चिकित्सा अधीक्षक से संपर्क कर सकते हैं।

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