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बहुभोज पर पहुंची पार्षद की प्रेमिकाएं, केस दर्ज

तीन दिन पूर्व वाराणसी से शादी कर खुशी-खुशी लौटे वार्ड संख्या 30 के पार्षद रविन्द्र निषाद एक नए बखेड़े में फंस गए। शुक्रवार को उसका बहुभोज था और इसकी धूमधाम से तैयारी की गई थी। लेकिन कार्यक्रम के कुछ घंटे पहले रंग में भंग तब पड़ गया जब उसकी दो प्रेमिकाएं थाने पहुंच गई। एक ने शादी का झांसा देकर रेप करने और दूसरी ने उस पर मंदिर में शादी कर रेप करने का आरोप लगाया। मामला खुलता देख पार्षद ने दोनों पर दबाव बनाने का भरपूर प्रयास किया लेकिन बात नहीं बनी। राजघाट थाने में पार्षद पर रेप का केस दर्ज कर लिया गया है। जबकि दूसरी प्रेमिका ने कैंट थाने में तहरीर दी है।

राजघाट थाना क्षेत्र के चकरा अव्वल, महेवा निवासी पार्षद रविन्द्र निषाद ने मोहल्ले की एक लड़की को 10 जून को वाराणसी ले जाकर वहां एक मंदिर में शादी की। 11 जून को घर लौटने के बाद वह बहुभोज कार्यक्रम की तैयारी में लगा था। मोहल्ले की एक विधवा महिला को इसकी जानकारी हुई तो वह 11 जून की शाम को उसके घर पहुंच गई। महिला ने आरोप लगाया कि पार्षद दो साल से शादी का झांसा देकर उसके साथ दुराचार कर रहा है। उसने पार्षद से सवाल-जवाब करना शुरू की तो उसे भगा दिया गया। शुक्रवार को बहुभोज की तैयारी चल रही थी तभी महिला सपा व हियुवा के कुछ लोगों के साथ राजघाट थाने पहुंच गई। उसने बताया कि उसका पति कच्ची शराब का कारोबारी था। एक बार पुलिस इस चक्कर में उसे भी पकड़ ले गई थी। पार्षद रविन्द्र ने कोशिश कर उसे पुलिस से छुड़ाया था। इसके बाद से वह पार्षद के संपर्क में आ गई थी। पति की दो साल पहले मौत हो गई। इसके बाद वह उसे घर बुलाने लगा और शादी का झांसा देकर रेप करने लगा। उसने एसओ राजघाट राजीव सिंह को पार्षद के खिलाफ तहरीर दी। पार्षद के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया।

राजघाट थाने में यह सब चल ही रहा था तभी एक छात्रा कैंट थाने पहुंच गई। पिपराइच की मूल निवासी तथा कैंट थाना क्षेत्र के एक मोहल्ले में रिश्तेदार के यहां रह कर पढ़ाई कर रही इस छात्रा ने पार्षद पर आरोप लगाया कि मोबाइल पर गलत नंबर डायल हो जाने के चलते दिसंबर-2014 में पार्षद से बातचीत शुरू हुई। बाद में शादी का वादा कर पार्षद ने उससे संबंध बना लिए। बात जब घर वालों को पता चली और दबाव बना तो उसने 22 अप्रैल 2015 को बुढि़या माई मंदिर में उससे शादी कर ली। कई दिनों तक उसे अपने घर में रखकर संबंध बनाता रहा। दूसरी शादी की योजना के बारे में जब उसे पता चला तो उसने विरोध जताना शुरू कर दिया। बदले में उसे मारपीट कर घर से निकाल दिया गया। उसने आरोप लगाया कि धोखे से उसने वाराणसी जाकर गुपचुप तरीके से दूसरी शादी कर ली।

राजनीतिक विरोधियों की साजिश
इस संबंध में पार्षद रविन्द्र निषाद का कहना है कि उनका इन दोनों मामलों से कुछ भी लेना-देना नहीं है। मोहल्ले का एक व्यक्ति उससे राजनीतिक रंजिश रखता है। उसी ने यह पटकथा लिखी है। उसी के इशारे पर मेरी मानहानि हो रही है। पुलिस की जांच में खुद को निर्दोष साबित करूंगा। बहुभोज के बाद मानहानि करने वालों को उन्हीं की भाषा में जवाब दूंगा।

पहले भी आ चुका है पार्षद का नाम

पार्षद रविन्द्र निषाद का नाम पहले भी कई आपराधिक मामलों में आ चुका है। पूर्व में उसकी स्कार्पियो बेतियाहाता मोहल्ले में चेक की गई तो उसमें से अवैध असलहा बरामद हुआ था। उसे दो हफ्ते तक जेल की हवा खानी पड़ी थी। जमीन पर कब्जे को लेकर मारपीट में भी कई बार उनका नाम आ चुका है। बेलीपार में एक बार संदिग्ध हालत में पाए जाने पर लोगों ने उसकी गाड़ी तोड़ दी थी। किसी तरह से वह वहां से बचकर भागा था।

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