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उत्तर प्रदेश में जुलाई से महंगी हो जाएगी बिजली

उत्तर प्रदेश में जुलाई से महंगी हो जाएगी बिजली

बिजली संकट से बेहाल उत्तर प्रदेशवासियों के लिए एक और बुरी खबर है। बिजली उपभोक्ताओं को जुलाई से महंगी बिजली का झटका लग सकता है। एक जुलाई से प्रदेश में बिजली की दर में करीब 8-12 प्रतिशत इजाफे होने की उम्मीद है। इसके अलावा रेग्युलेटरी सरचार्ज में भी करीब 8 प्रतिशत बढ़ोतरी हो सकती है।

सूत्रों के मुताबिक राज्य विद्युत नियामक आयोग 15 जून के बाद कभी भी नई दरों का ऐलान कर सकता है। नए टैरिफ में आयोग कई तरह के बदलाव की भी तैयारी कर रहा है। नए टैरिफ में पुरानी स्कीमों को खत्म करने और कुछ नए प्रावधान लाने की तैयारी भी आयोग कर रहा है। नए टैरिफ अर्डर में किसानों की बिजली दरों में बढ़ोतरी नही होने की उम्मीद है। मगर शहरी घरेलू उपभोक्ताओं की दरों में पावर कॉरपोरेशन के प्रस्ताव के मुताबिक ही बढ़ोतरी की उम्मीद है। इसके अलावा वाणिज्यिक में करीब 10-12 प्रतिशत और इंडस्ट्री के उपभोक्ताओं की दरों में भी 5 से 7 प्रतिशत की बढ़ोतरी का ऐलान हो सकता है।

एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) लागू नहीं होगी
नियामक आयोग अब प्रदेश के बिजली बकाएदारों के लिए एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) लागू नहीं करेगा। आयोग अधिकारियों के मुताबिक अगर पावर कॉरपोरेशन अगर इस योजना को अपने स्तर पर लागू करना चाहती है तो उसका खर्च उसे वहन करना पड़ेगा। नियामक आयोग के इस प्रस्ताव से उन बिजली उपभोक्ताओं को झटका लग सकता हैं जो बिल जमा करने की बजाए हर साल ओटीएस का इंतजार करते हैं।

तीन महीने बिल जमा नहीं तो विलम्ब शुल्क
नियामक आयोग उन उपभोक्ताओं को भी झटका देने जा रहा है जो हर महीने बिजली बिल जमा नहीं करते। सूत्रों के मुताबिक वर्तमान में तय समय पर बिजली बिल जमा न करने वाले उपभोक्ताओं पर 1.5 प्रतिशत विलम्ब शुल्क लगता है। अब अगर उपभोक्ता लगातार तीन महीने बिजली बिल जमा नहीं करते हैं तो उनसे 1.25 प्रतिशत विलम्ब शुल्क वसूलेगा। उसके बाद दो प्रतिशत की दर से विलम्ब शुल्क वसूलेगा। वहीं जो बिजली उपभोक्ता तय समय सीमा के भीतर बिजली बिल जमा करते हैं तो उन्हें बिल में 0.25 प्रतिशत की छूट मिलेगी।

बगैर मीटर उपभोक्ताओं का अब एकमुश्त देना होगा ज्यादा पैसा
बिजली कर्मचारियों व जिन उपभोक्ताओं के यहां बिजली मीटर नहीं लगा है, उन्हें अब महंगी बिजली देने की तैयारी चल रही है। नियामक आयोग के अध्यक्ष देशदीपक वर्मा ने बताया कि अगर बगैर मीटर उपभोक्ताओं के यहां जल्द मीटर नहीं लगाया गया तो उन्हें महंगी दर पर बिजली दी जाएगी।

रात में इंडस्ट्री चलाने पर 15 प्रतिशत छूट
वर्तमान में रात 10 बजे से सुबह छह बजे तक औद्योगिक उपभोक्ताओं को 7.50 प्रतिशत छूट दी जाएगी। वहीं शाम पांच बजे से रात दस बजे तक 15 प्रतिशत अतिरिक्त दर से पैसा वसूला जाता है, लेकिन अब औद्योगिक उपभोक्ताओं को रात 10 बजे से सुबह छह बजे तक इंडस्ट्री चालू करने के लिए प्रेरित करने पर 7.50 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। नियामक आयोग के अध्यक्ष देश दीपक वर्मा ने बताया कि अगर कोई नई इंडस्ट्री नई खुलती है और यह एग्रीमेंट में लिखकर देती है कि वह रात में काम करेगी तो उसे यह लाभ मिलेगा।

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