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लखनऊ की लैब में हुई मैगी की जांच तो नहीं मिले खतरनाक तत्व

लखनऊ की लैब में हुई मैगी की जांच तो नहीं मिले खतरनाक तत्व

यूपी के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने जिस मैगी नूडल्स को असुरक्षित बताया था अब अपनी सर्विलांस रिपोर्ट में उसको ठीक बता रहा है।

पहले की रिपोर्ट के आधार में देश भर में जांच हुई और कई प्रयोगशालाओं में मैगी को सेहत के लिए सुरक्षित नहीं पाए जाने के बाद बैन लगा दिया गया। अब लखनऊ का एफएसडीए कह रहा है कि जो सर्विलांस नमूने लिए गए थे उनमें लेड की मिलावट नहीं मिली।

बच्चों के लिए खतरनाक मोनोसोडियम ग्लूटामेट को पॉजिटिव पाया गया है लेकिन यह नहीं कहा जा सकता कि यह प्राकृतिक है या अलग से मिलाया गया।

सवाल इस बात पर भी उठ रहे हैं कि एफएसडीए की लैब में लेड जांचने वाला यंत्र गड़बड़ था जिसकी वजह से 2 मई को लिए गए सर्विलांस नमूनों की रिपोर्ट आने में समय लग रहा था।

वह यंत्र भी अश्चर्यजनक रूप से ठीक हो गया और उसने मैगी के पक्ष में रिपोर्ट दे दी।

एफएसडीए के अभिहीत अधिकारी जेपी सिंह के मुताबिक शहर के विभिन्न स्थानों से मैगी के 12 सर्विलांस नमूने लिए गए थे। इनमें तीन की रिपोर्ट आ चुकी है। एक रिपोर्ट मैगी नूडल्स, दो रिपोर्ट मैगी आटा नूडल्स की हैं। इनमें से किसी में मिलावट नहीं पाई गई है।

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