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हर महीने 30 लाख की मैगी खा रहा था अपना मुरादाबाद

दो मिनट में तैयार होने वाली मैगी के जनपद में जबरदस्त शौकीन है। हर महीने लगभग 30 लाख की मैगी जिले के लोग गटक जाते थे। शहर के मॉल से लेकर गली मोहल्ले की दुकानों ही नहीं गांव-गांव में मैगी ने अपनी धाक जमा रखी थी। प्रयोगशाला जांच में फंसने के बाद से मैगी का कारोबार ठप हो गया है। दुकानदारों ने भी स्टॉकिस्टों से मॉल लेना बंद कर दिया है। आसमान से जमीन पर पहुंचा मैगी का कारोबार पूरी तरह बंद हो गया है। सभी को मैगी के सेंपल की जांच का इंतजार है। अगर हालात यही रहे तो मैगी पूरी तरह नदारद हो जाएगी।

दो मिनट में तैयार होने का फंडा अब घरों में बंद हो गया है। मैगी नूडल्स को लेकर शहर के लोगों में खौफ पनप गया है। अपने शहर और आसपास के क्षेत्र में लोग हर महीने लगभग 30 लाख रुपये की मैगी खा रहे थे।  पिछले कई दिनों से मैगी की खरीदारी दुकानों पर पूरी तरह बंद हो गई है। इसी के साथ ही नेस्ले के अन्य प्रोडक्ट की खरीदारी पर भी इसका असर पड़ा है। शहर के विशाल मेगा मार्ट, वी मार्ट, इजी जे, लासा मार्ट, अपना बाजार समेत अन्य डिपार्टमेंटल स्टोर्स के साथ ही दुकानों पर मैगी नूडल्स की बिक्री शून्य पर पहुंच गई है। लोगों को बच्चों की सेहत का ख्याल है।

बच्चों की सेहत से कोई समझौता नहीं किया जा रहा है। शहर में मैगी नूडल्स के डिस्ट्रीब्यूटर जय बालाजी एंटरप्राइजेज के स्वामी दीपक अग्रवाल का कहना है कि वह अकेले शहर में लगभग 400 दुकानों पर 10 लाख रुपये की मैगी की सप्लाई देते थे। नेस्ले के सेल्स आफिसर अंकित गुप्ता का दावा है कि शहर के अलावा आसपास के क्षेत्र में भी हर माह मैगी की बिक्री 15 लाख से ऊपर थी। इसके अतिरिक्त चार-पांच लाख की मैगी डिपार्टमेंटल स्टोरों से बिक रही थी। उनकी बिक्री का सही आंकड़ा इसलिए नहीं मिलता है कि क्योंकि उन्हें सीधे कंपनी सप्लाई देती है और वह साल भर का एक साथ ही खरीद का एग्रीमेंट कर लेते हैं। अंकित गुप्ता कहते हैं कि कंपनी की ओर से आदेश है कि जो भी सैंपल लिए जाएं उन्हें तत्काल दे दिया जाए क्योंकि कंपनी को विश्वास है कि जल्द ही वह फिर से अपना विश्वास हासिल करने में सफल रहेगी।

नेस्ले के सॉस और पास्ता की बिक्री घटी
मुरादाबाद। मैगी नूडल्स के जांच के घेरे में आने के बाद लोगों ने नेस्ले के दूसरे प्रोडक्ट से भी परहेज करना शुरू कर दिया है। नेस्ले के सॉस, पास्ता, नेस्टोजन, लेक्टोजन नैनप्रो आदि प्रोडक्ट की बिक्री करीब बीस से पच्चीस फीसद की कमीं आई है। दुकानदारों का कहना है कि नेस्ले के प्रोडक्ट की जांच क्लीयर होने के बाद ही लोग खरीदने की बात कह रहे हैं।

नौ माह में नूडल्स हो जाते हैं एक्सपायर
मुरादाबाद। नेस्ले के मैगी नूडल्स की जिन्दगी सिर्फ नौ माह की है। कम्पनी से आने और दुकानों पर पहुंचने के बीच नौ माह का समय रहता है। इसके बाद मैगी नूडल्स एक्सपायर हो जाते हैं। कुल मिलाकर उत्पादन से नौ माह के अन्दर ही दुकानदार को नूडल्स बेचने रहते हैं।

एक्सपायर मैगी को जलवाते हैं कम्पनी के बंदे
मुरादाबाद। शहर के डिस्ट्रीब्यूटर के मुताबिक एक्सपायर मैगी नूडल्स के पैकेट को जलवाने के लिए नेस्ले कम्पनी के कर्मचारी डिस्ट्रीब्यूटर्स के यहां पहुंचते हैं और एक्सपायरी की तारीख देखने के साथ पूरा सामान जलवा कर नष्ट कर देते हैं। इसे रखने तक का भी अधिकार नहीं है।

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