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रेवड़ी की तरह बांट दिए 20 करोड़ के काम

‘अंधा बांटे रेवड़ी, घरे घराना खाय’ यह कहावत विद्युत निगम के माध्यमिक कार्यमण्डल पर सटीक बैठती है। जोन के ग्रामीण क्षेत्रों में 11 उपकेन्द्र बनाने के लिए चहेते ठेकेदारों में रेवड़ी की तरह काम बांट दिया। अखबार में निविदा प्रकाशित कराए बिना ही 20 करोड़ के काम का एग्रीमेंट पांच फर्मों से कर लिया।

गोरखपुर जोन के वितरण खण्डों में विजन-2016 के तहत 11 उपकेन्द्र बनने हैं। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के एमडी कार्यालय ने इसके लिए दो बार ऑनलाइन निविदा निकाली लेकिन किसी फर्म ने आवेदन नहीं किया। सूत्रों के मुताबिक कुछ बड़ी फर्में सुविधा शुल्क के चलते आगे नहीं आईं। थकहार कर एमडी कार्यालय ने फर्म ढूंढ़ने की जिम्मेदारी गोरखपुर जोन को सौंप दी।

यहां माध्यमिक कार्यमण्डल के इंजीनियरों ने चहेते ठेकेदारों को दफ्तर में बुलाकर काम सौंप दिया। करीब 20 दिन पहले एग्रीमेट भी कर लिया। अब मामाल खुलने पर ठेकेदारों का एक गुट अब एमडी से शिकायत दर्ज कराने की तैयारी कर रहा है।

यहां बनने हैं उपकेन्द्र
देवरिया- फरियावडीह, मझौलीराज, तेलिया कला, भिंगारी बाजार, खेमादेई, खेसारी गीदहा
कुशीनगर- साखोपार
महराजगंज- कोल्हुई, भिटौली, समरभिरा
गोरखपुर- पाली

पहले घमासान अब बिना टेण्डर ही शुरू हो गया काम
जीडीए टावर के बिजली कनेक्शन के डेढ़ करोड़ रुपए के काम को लेकर निगम में डेढ़ माह पहले दो ठेकेदारों के बीच घमासान हुआ तो एक अधिकारी के हस्तक्षेप पर दोनों में आधा-आधा काम बांट दिया गया। अब बिना टेण्डर व एग्रीमेंट कराए ही विश्वविद्यालय उपकेन्द्र में ट्रांसफार्मर लगाने और बिल्डिंग बनाने का काम शुरू करा दिया गया। पैनल और ब्रेकर लगाने के लिए भवन तैयार भी हो गया है।

जोन में 11 उपकेन्द्रों के निमार्ण के लिए फर्म से एग्रीमेट हो गया है। बिजली निगम से स्वीकृत एक अखबार में निविदा प्रकाशित हुई थी। उसका नाम याद नहीं आ रहा है।
ई. सीपी गुप्ता, अधीक्षण अभियंता
माध्यमिक कार्यमण्डल गोरखपुर

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