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लोहिया के डॉक्टर आंदोलन करेंगे

विलय को लेकर लोहिया अस्पताल के डॉक्टर आन्दोलन के मूड में आ गए हैं। मंगलवार को डॉक्टरों ने अस्पताल के प्रेक्षागृह में बैठक कर विलय की शर्तों में संशोधन की मांग की है। डॉक्टरों का आरोप है कि अफसर निजी फायदे के लिए चलते अस्पताल को बर्बाद करने पर अमादा हैं। यही वजह है कि डॉक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ की प्रतिनियुक्ति के समय में कटौती की बात कर रहे हैं। डॉक्टरों ने सवाल उठाए हैं कि दो साल से लोहिया संस्थान अपने यहां इमरजेंसी चालू नहीं कर पाया। तो एक साल में डॉक्टरों की भर्ती कैसे करेगा?

लोहिया अस्पताल और संस्थान का विलय करने की कवायद चल रही है। इसे एम्स की तर्ज पर विकसित किया जाना है। इसके नियम और शर्तों में तब्दीली की आहट से लोहिया अस्पताल के डॉक्टर और कर्मचारी हैरत में हैं। इसी संबंध में डॉक्टरों ने बैठक कर विलय के लिए बने पहले बिंदुओं पर अमल करने की मांग की है। डॉक्टरों का कहना है कि शासन के अफसर बार-बार बैठक कर मनमर्जी कर रहे हैं।

डॉक्टरों का कहना है कि विलय को लेकर जब पहली बैठक हुई तो उसमें अस्पताल के डॉक्टरों को मेडिकल अफसर के पद पर समायोजित करने की बात हुई थी। इसके बाद अफसरों ने यहां के डॉक्टरों को तीन से पांच साल की प्रतिनियुक्ति पर रखने की बात कही। हाल के दिनों में शासन स्तर पर आयोजित बैठक में प्रतिनियुक्ति के समय में और कटौती कर दी। अब एक साल के लिए प्रतिनियुक्ति पर डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती किए जाने की बात कही जा रही है। हालांकि इसका अंतिमा फैसला कैबिनेट की बैठक में होगा।

सभी हैं आहत
प्रतिनियुक्ति के मसले को लेकर लोहिया अस्पताल के करीब 110 डॉक्टर और 300 से ज्यादा पैरामेडिकल स्टाफ व अन्य कमचारी आहत हैं। डॉक्टरों का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ का समायोजन कहां होगा? इस बारे में शासन ने अपनी मंशा साफ नहीं की है।

सबसे बड़ा सवाल मरीजों का क्या होगा?
लोहिया अस्पताल की ओपीडी में करीब 6000 से ज्यादा मरीज आ रहे हैं। 100 से ज्यादा मरीज इमरजेंसी के जरिए भर्ती किए जा रहे हैं। अस्पताल के सभी लगभग 470 से ज्यादा बेड हमेशा भरे रहते हैं। एनआईसीयू, एमआरआई, वेंटीलेटर जैसे सुविधाएं हैं। जो दूसरे सरकारी अस्पतालों में कम हैं। डॉक्टरों का कहना है कि लोगों का भरोसा अस्पताल व डॉक्टरों से जुड़ा है। एक साल बाद डॉक्टरों को यहां से हटाए जाने के बाद जब उन्हें समुचित इलाज नहीं मिलेगा तो उनका भरोसा टूटेगा।

दो घंटे ज्यादा काम कर दर्ज किया विरोध
लोहिया अस्पताल व संस्थान के विलय में प्रतिनियुक्ति के समय में कटौती से नाराज पैरामेडिकल स्टाफ व कर्मचारियों का प्रदर्शन दूसरे दिन भी जारी रहा। पैरामेडिकल स्टाफ ने दो घंटे अतिरिक्त काम कर विरोध दर्ज किया। एक्सरे टेक्नीशियन एसोसिएशन के राजेश शुक्ला ने कहा कि विलय को लेकर कोई विवाद नहीं है, लेकिन प्रतिनियुक्ति को लेकर अफसर घालमेल पर अमादा हैं। इसका नुकसान कर्मचारियों के साथ मरीजों का होगा। फार्मासिस्ट एपी सिंह ने कहा कि कर्मचारी दो घंटे ज्यादा काम कर रहे हैं। इसके बाद आन्दोलन करेंगे। इससे मरीजों का इलाज प्रभावित होगा।

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  • Web Title:लोहिया के डॉक्टर आंदोलन करेंगे